भाजपा शासित राज्यों में जहरीली शराब से मौते चिंता का विषय : कांग्रेस

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मोहम्मद असलम ने भाजपा शासित राज्यों में लगातार हो रही जहरीली शराब से मौतों पर चिंता व्यक्त किया है और इसे दुखद बताते हुए अवैध शराब के काले कारोबार पर लगाम लगाने की मांग की है। जहरीली शराब से सैकड़ों मौत होना और भाजपा सरकारों का पूरी तरह से संवेदनहीन बना रहना आश्चर्यजनक है।
उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ की सरकार शराबबंदी करने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा चुकी है। सरकार ने निर्णय लिया है कि शराब की 50 दुकानें बंद कराई जाएगी। कांग्रेस पार्टी ने जनघोषणा पत्र में शराबबंदी का वादा किया है, उसे आने वाले दिनों में पूरा किया जाएगा। लेकिन भारतीय जनता पार्टी जिस तरह से 2 महीने की कांग्रेस सरकार पर दबाव डालकर शराबबंदी कराना चाहती है वह संभव नहीं है। हमारी सरकार हर पहलुओं पर विचार करके शराबबंदी वाले राज्यों में अध्ययन दल भेज करके और सभी तरह के रिपोर्ट पर गहन विचार करके जनहित में यह निर्णय लेगी और कांग्रेस पार्टी घोषणा पत्र के अनुरूप पूर्ण शराबबंदी के वादों को पूरा करेगी।  उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ में शराब की दुकानों को स्वयं संचालित करने वाली और शराब माफियाओं को बढ़ावा देने वाली तत्कालीन सरकार के पार्टी के लोग किस मुंह से कांग्रेस सरकार पर दबाव डालने का प्रयास कर रहे है। वहीं भाजपा शासित 3 राज्यों में बीते कुछ दिनों में ही लगभग 300 व्यक्तियों की जहरीली शराब से मौत हो चुकी है। भाजपा शासित राज्य शराबबंदी की दिशा में तो कोई कार्रवाई नहीं कर रही है बल्कि अवैध शराब तस्करी और शराब माफिया के जरिए राज्यों में भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी कर रही है, यह दुर्भाग्य जनक है। बीते दिनों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश में लगभग डेढ़ सौ लोगों ने जहरीली शराब से अपनी जानें गवाई है, दूसरी ओर असम में हुई ताजा घटनाओं में 140 लोगों की जहरीली शराब से मौत होना इस बात को स्पष्ट साबित करता है कि लगातार भाजपा शासित राज्य शराब खोरी को बढ़ावा दे रही है और शराब माफिया के साथ मिलकर लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है। असम में अभी जहरीली शराब के सेवन से मौत का तांडव जारी है और भाजपा शासित सरकारे हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

 

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