भ्रष्टाचार मे लिप्त ग्राम पंचायत बासीन

ग्रामीण कोटवार ही करते हैं पंचायत चपरासी का काम

के नागे (बालोद) जिले के जनपद पंचायत गुरूर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बासीन जहां पर रोजगार सहायक और सचिव एवं सरपंच की मिली भगत से रोजगार मूलक कार्यो में फर्जी हाजिरी भर कर अपने चहेतो को लाभ पहुंचाया है सामाजिक अंकेक्षण के दौरान पता चला कि रोजगार गारंटी योजना के दौरान जो कार्य नहीं किए हैं उनका भी नाम शामिल है तो ग्रामीणों ने भारी विरोध किया पुरी सच्चाई सामने आते ही राजनीतिक गलियारे में फर्जीवाड़ा की बाते तेज हो गई है जिस तरह से मस्टररोल में फर्जी नाम डालकार लाभ दिया गया है मानो ऎसा लगता है कि पूरी सोची समझी सजिस के तहत कार्य हुआ है प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बासीन में तालाब गहरीकरण का कार्य हुआ था जिसमे पूरे ग्राम वासियों ने मजदूरी दर पर कार्य किए वही सोंचने की बात यह है कि जो कभी मजदूरों के साथ मिलकर काम ही नही किया है उसका नाम भी मस्टररोल में शामिल किया गया है जैसे शुभे राम गंगराले (सरपंच पति) हुलास राम (ग्रामीण कोटवार) पूनम बाई (मेट की पत्नी) इन लोगो का नाम बिना काम किए मजदूरी दर पर डाल दिया गया है ग्रामीणों से जानकारी मिलने पर जब हमारे संवाददाता ने उक्त संबंध में बात करने सरपंच के घर गए तो रोजगार सहायक भी उन्ही के घर पर मौजूद थे रोजगार सहायक पितु राम सोनवानी ने जब सचिव से फोन पर संपर्क किया तो सचिव ने हमारे प्रतिनिधियो के सामने ही अनर्गल बाते करने लगे और कुछ पत्रकारो को पैसों के लालच में घूमने वाले बताया उन्होंने यहां तक कह दिया कि विधायक से भी बात हो गई है किसी को कुछ नहीं कर सकता उनकी बाते सुनकर ऎसा लग रहा था मानो पूरे क्षेत्र में उन्ही का राज चलता है सरपंच अनुसूइया गंगराले ने बताया कि वह अनपढ़ है पढ़ी लिखी नही है उन्हे जहाँ हस्ताक्षर करने कहा जाता है वहां कर देतीं हैं रोजगार सहायक पितु राम सोनवानी ने कहा कि शासन द्वारा 150 दिन का रोजगार देना है लेकिन मजदूरी ज्यादा हो गई थी इसलिए अलग अलग लोगो के नाम पर डालना पड़ा था वही कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि रोजगार सहायक मेट किशन लाल और सचिव की मिलीभगत से फर्जी मस्टररोल भरा गया है ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक कोई भी कार्य हमारे पंचायत में 150 दिन तक काम नहीं हुआ है सिर्फ मेट को ही सबसे ज्यादा काम दिया गया है ग्रामीण कोटवार हुलास राम ने कहा कि मै पंचायत में चपरासी का काम अपनी पत्नी के नाम पर करता हूं भ्रष्टाचार का ईससे बड़ा सबूत क्या है एक व्यक्ति दो अलग अलग काम का वेतन लेता हो और साथ ही मनरेगा में भी लाभ लेता हो बहरहाल शिकायत के आधार पर सोसल आडिट की सुनवाई होनी है उसके बाद ही करवाही हो सकती है ग्रामीण कार्यवाही के इंतजार कर रहे हैं क्या कार्यवाही होगी या नही सन्सय बरकारार है।

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