अडानी अंबानी की पैसे से चलनी वाली भाजपा देश और खुद के कार्यकर्ताओं को कर रही गुमराह : कांग्रेस

०० दिल्ली में बना सात माले का दफ्तर और छत्तीसगढ़ में कुशाभाऊ परिसर भाजपा की काली कमाई का जीता जागता उदाहरण है

०० भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बयान पर कांग्रेस का पलटवार 

०० नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली वाली कहावत की तरह है अमित शाह का चंदे को साफ सुथरा करने की वकालत

रायपुर। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के चुनावी चंदे की प्रक्रिया को साफ सुथरा करने की वकालत करने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अमित शाह का बयान नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली वाली कहावत को चरितार्थ करता है। भाजपा अडानी अंबानी को लाभ पहुंचाने से मिली कमीशन और राफेल घोटाले की काली-कमाई को कार्यकर्ताओ का चंदा बताकर देश की जनता को गुमराह कर रहे है। असलियत में भाजपा का जन्मदाता और पालनकर्ता ही धनाढ्य, बिल्डर, ठेकेदार और कालाधन रखने वाले ही है। ऐसे में भाजपा जनता के सामने खुद को पाक साफ और ईमानदार निरूपित करने कार्यकर्ताओं से चंदे लेकर चुनाव लड़ने की बताकर कहकर नोटबंदी के दौरान भाजपा को बतौर चंदा मिले कालेधन को सफेद करने में लगी हैं। नोटबंदी के दौरान भाजपा समर्थित व्यापारी, बिल्डर ठेकेदार और भाजपा के नेताओं के पास ही काली कमाई का बेहिसाब नगदी बरामद हुई थी। नोटबंदी के दौरान नोट बदलने में कमीशनखोरी के खेल में  भाजपा के नेताओ की अहम भूमिका रही है। नोटबन्दी की त्रासदी झेल चूंकि जनता भाजपा की कथनी और करनी को समझ चुकी है और भाजपा को छत्तीसगढ़ के बाद केंद्र की सत्ता से भी बेदखल करने का मन बना चुकी है। ऐसे में अमित शाह 2019 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के माथे पर लगे कलंक को धोने का प्रयत्न कर रहे है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी शपथ ग्रहण के बाद से अंबानी और अडानी के साम्राज्य को विराट स्वरूप देने साथ लेकर विदेशों तक दौरा करते रहे हैं। चुनाव के पहले अडानी के विमान में घूमने वाले मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद अंबानी और अडानी को सरकारी विमान में घुमाते रहे हैं।जिओ कम्पनी की प्रचार प्रसार में मोदी अग्रणी प्रचारक थे। दिल्ली में बनी अतिआधुनिक सुसज्जित पूर्णतः वातानुकूलित सात माले का भाजपा दफ्तर और छत्तीसगढ़ के रायपुर में बना भाजपा का प्रदेश कार्यलय कुशाभाऊ परिसर भाजपा की काली कमाई का जीता जागता उदाहरण है।

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