राज्य सरकार का बजट निराशाजनक : डॉ रमन सिंह

०० छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाई देने में असमर्थ कांग्रेस सरकार का पहला बजट : कौशिक

०० कांग्रेस सरकार अपने पहले बजट में चुनावी वादों पर नहीं उतरी खरी : भाजपा महामंत्री

रायपुर। भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य सरकार के बजट को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जन घोषणा पत्र को भूल कर आधी-अधूरी बातें कर रही है। लगभग 70 वादे कर सरकार में आए भूपेश सरकार ने युवाओं, महिलाओं और सभी वर्गों को छलने का काम किया है। भूपेश सरकार का बजट छत्तीसगढ़ को आगे ले जाने वाला नहीं दिखता और न कोई विजन दिखाई पड़ा।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस सरकार के पहले बजट को छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाई देने में असमर्थ बताते हुए कहा कि बजट की दिशा भटकी हुई है। नरवा, गरुवा, घुरुवा और बाड़ी का नारा खोखला साबित हुआ है। किसानों को कर्ज के नाम पर छलने के बाद बिजली बिल हॉफ करने के वादे से भी सरकार मुकरी। केवल 400 यूनिट तक हॉफ कर सरकार ने घरेलू उपभोक्ता के साथ इंडस्ट्री को भी धोखा दिया है। 10 लाख बेरोजगारों को 2500 रुपए देने का कहीं कोई जिक्र नहीं है, 60 वर्ष वालों को एक हजार और 75 वर्ष वालों को 1500 रुपए प्रतिमाह, विधवाओं को एक हजार रुपए प्रतिमाह की बात ना कर भूपेश सरकार ने प्रदेश को ठगने का काम किया है। कौशिक ने कहा कि चिटफंड कम्पनी की ओर से ठगे लोगों को पैसा वापस करने का वादा कर सरकार में आए कांग्रेसियों ने चिटफंड कम्पनी की तरह ही पीडि़त लोगों को ठगने का काम किया है यह अक्षम्य है।
भाजपा महामंत्री सुभाऊ कश्यप, गिरधर गुप्ता और संतोष पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने पहले बजट में चुनावी वादों पर खरी नहीं उतरी है। कांग्रेस पार्टी 55 साल राज्य करने के अपने पुराने ट्रैक पर वापस आ गई है। जिस प्रकार गरीबी हटाओ के नारा को कभी पूरा नहीं कर पाए वैसे ही जन घोषणा पत्र को पूरा करने की क्षमता सरकार में नहीं दिख रही है। लगभग 200 फूड पार्क की बात करने वाले केवल 5 फूड पार्क के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिससे स्पष्ट है किसानों को कर्जमाफी की तरह उनके उत्पादों की फूड पार्क में प्रोसेसिंग कर संरक्षित करने के वादे से भी हाथ उठाते दिख रहे हैं। कांग्रेस पार्टी की सरकार अपने पहले बजट में ही अनुत्तरित हो गई है।
भाजयुमो अध्यक्ष विजय शर्मा और महामंत्री संजु नारायण सिंह ने राज्य बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि युवाओं के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है। ना ही बेरोजगारी भत्ते पर कुछ प्रावधान है, ना ही युवाओं के रोजगार के लिए कोई रोड मैप दिखता है। 10 लाख बेरोजगारों को भत्ता देने की बात कर युवाओं का वोट पाने वाले अब मुकर गए। यह शर्मनाक है। बजट में शिक्षा कर्मी युवा भाई बहनों के साथ 2 वर्ष के बाद नियमितीकरण करने के लिए भी कोई चर्चा नहीं की गई। यह साफ तौर पर युवा, भाई बहनों के साथ धोखा है।

 

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