`बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय की भावना` का बजट : भूपेश बघेल

०० मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया 91 हजार 542 करोड़ रुपए का बजट पेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज शुक्रवार को मुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री ने प्रदेश की जनता के लिए 91 हजार 542 करोड़ रुपए का `बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय की भावना` का बजट पेश किया। मुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि नवंबर 2018 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ की जनता ने भारी बहुमत के साथ हमें जो जनादेश दिया था, उसके प्रति फिर से आभार व्यक्त करता हूं। बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय की भावना के साथ, नई सरकार का प्रथम बजट आज सदन में प्रस्तुत कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि वे सदन को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि जनता की गाढ़ी कमाई से एकत्र किए गए राजस्व की एक-एक पाई का उपयोग इस बजट के माध्यम से छत्तीसगढ़ की जनता की भलाई के कामों में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय हमने प्रदेश के किसानों से, माताओं और बहनों से, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के सदस्यों से, तथा युवाओं और बच्चों से उनकी खुशहाली और तरक्की के वादे किये थे। हमने जन घोषणा पत्र में किसानों का कर्जा माफ करने और कृषि ऊपज का उचित मूल्य देने का वादा किया था। हमारी सरकार ने शासन संभालते ही उन वादों पर अमल शुरू कर दिया है और मुझे प्रसन्नता है कि इस बजट में भी उन सभी योजनाओं में समुचित प्रावधान किया गया है, जिनका सीधा लाभ प्रदेश की जरूरतमंद जनता और किसानों को मिलेगा।
00 आम बजट में महत्वपूर्ण नए प्रावधान : मुख्यमंत्री
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए धान उत्पादन पर प्रोत्साहन योजना में 2500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के लिए 5 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण बैंक एवं सहकारी बैंकों के कृषि ऋण के साथ-साथ हमारी सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के व्यवसायिक बैंकों द्वारा बांटे गए अल्पकालीन कृषि ऋण को भी माफ करने का फैसला लिया है। बजट में किसानों का कृषि ऋण माफ करने के लिए 5 हजार करोड़ का प्रावधान रखा गया है। गरीब परिवारों को भरपेट भोजन की व्यवस्था के लिए सरकार ने प्रत्येक राशन कार्ड पर 35 किलो चावल देने का निर्णय लिया है। इसके लिए मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना में 4 हजार करोड़ का प्रावधान रखा गया है। घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली बिल हाफ करने की दृष्टि से विद्युत देयकों में 400 यूनिट तक विद्युत व्यय-भार पर आधी छूट का लाभ सभी घरेलू उपभोक्ताओं को देने का निर्णय लिया गया है। इस छूट का लाभ 1 मार्च 2019 से दिया जायेगा और उपभोक्ताओं को अप्रैल माह में मिलने वाले बिजली बिल पर आधी छूट का लाभ मिलेगा। इसके लिए बजट में 400 करोड़ का नवीन मद में प्रावधान किया गया है।
00 विधायक निधि 1 से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपए :– मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को उनके विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए अधिक जवाबदेही के साथ काम करने का अवसर देने के उद्देश्य से विधायक निधि की राशि 1 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बजट में 182 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पुलिस विभाग में जिला कार्यपालिक बल के आरक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर तक के अमले को रिस्पान्स भत्ता देने के लिए 45 करोड़ 84 लाख का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में उत्पादित खाद्य-पदार्थ, फल-फूल और सब्जियों के प्रसंस्करण को प्रोत्साहित कर किसानों के लिए अधिक आय एवं रोजगार सृजन करने के उद्देश्य से प्रथमत: 5 नये फूड पार्क प्रारंभ करने के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। आश्रम एवं छात्रावासों में रहने वाले प्री-मैट्रिकस्तर के अनुसूचित जाति-जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिष्यवृत्ति की राशि 900 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 1000 रुपए प्रति माह, तथा पोस्ट मैट्रिक छात्रों के लिए भोजन सहायता की राशि 500 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 700 रुपए प्रति माह की गई है। इसके लिए 27 करोड़ 57 लाख का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। स्कूलों में संचालित मध्याह्नभोजन कार्यक्रम में खाना बनाने वाली रसोईयों को 1200 से बढ़ाकर 1500 रुपए प्रति माह मानदेय दिया जायेगा। इसके लिए बजट में 26 करोड़ 59 लाख का अतिरिक्त प्रावधान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य प्राणियों द्वारा जनहानि होने पर क्षतिपूर्ति की राशि 4 लाख से बढ़ाकर 6 लाख करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बजट में 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। गिरौदपुरी एवं भंडारपुरी के समन्वित विकास के लिए 5 करोड़ एवं दामाखेड़ा के समन्वित विकास के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ से प्रेरित हमारी सरकार की दृढ इच्छा शक्ति और बजट के ठोस प्रावधानों से छत्तीसगढ़ में प्रगति और खुशहाली का एक नया अध्याय आरंभ होगा।

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