मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के जिले व राजनितिक नजरिये में अहम् भूमिका दिखने वाला महल ने किया कांग्रेस समर्थन

 

रवि ग्वाल (कवर्धा) दुसरे चरण के चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने अपनों पर जीत हासिल कर लिया जिसके चलते कवर्धा राजमहल की सियासत ने करवट बदली कांग्रेस से नाराज होकर कवर्धा रियासत के राजा योगेश्वर राज सिंह रानी कृति देवी ने मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के गृह जिले के दोनों विधानसभा में कांग्रेस को विश्वास तोड़ने वाली पार्टी का नाम देकर निर्दली प्रत्याशी के रूप में राजा योगेश्वर राज सिंह ने पंडरिया और रानी कृति देवी ने कवर्धा विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप नामांकन दाखिल किया था मगर कांग्रेस पार्टी और दूसरे रियासत के राजा टीएस सिंहदेव बाबा ने राजा योगेश्वर राज सिंह को पहले ही मना लिया था लेकिन पहले मान मनोव्वल में रानी कृति देवी को मनाने में कांग्रेस और बाबा असफल रही।

मगर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी का कवर्धा दौरे के ठीक दूसरे दिन नाराज कृतिदेवी ने भी अपनी नाराजगी खत्म करते हुए और राजा योगेश्वर राज सिंह के साथ कांग्रेस समर्थन देने को उतरी कवर्धा जिले के दोनों विधानसभा कि बात करें तो प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह भी कवर्धा कि राजनीति में महल को अहम् नजरिये से देखते है साथ ही उनका मानना भी था कि इस बार कवर्धा में चुनाव चौकोणी होगा मगर अब कांग्रेस को महल का समर्थन मिलने के बाद गठबंधन वाली जनता कांग्रेस जोगी, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस पार्टी के साथ सीधा त्रिकोणी मुकाबला होने को है मगर जिस प्रकार प्रदेश के मुखिया खुद मानते है महल का जिले कि राजनीती में अहम हिस्सा अब ऐसे में महल का कांग्रेस समर्थन कही ना कही भाजपा और जनता कांग्रेस के लिए जिले के दोनों विधानसभा कवर्धा, पंडरिया में जीत हासिल करने के लिए मुस्किले खड़ा करते नजर आ रहा है।

वही कवर्धा रियासत के राजा व पूर्व विधायक योगेश्वर राज सिंह कि नाराजगी कि बात करें तो लगातार दो पंचवर्षीय कांग्रेस पार्टी से दावेदरी करने के बाद भी टीकट नहीं मिलने को लेकर नाराजगी था मगर 2018 विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के चुनाव से ठीक पहले राहुल गाँधी का कवर्धा दौरा और सभा के बाद कांग्रेस ने रूठे महल और राजा रानी को मनाने में सफल हुआ जिसका फायदा कांग्रेस को दोनों विधानसभा में सीधा मिलेगा।

नाराज रानी कृतिदेवी का कहना है कि कांग्रेस पार्टी परिवार के हम सदस्य है और परिवार में कभी कभी कहा सुनी हो जाती है मगर आखिर में नाराज व्यक्ति कितने दिनों से अपने परिवार से दूर रह सकता है अब हमारी भी नाराजगी हमारे परिवार से ख़त्म हो गई और हम अपने कांग्रेस परिवार में वापस आ गए क्योंकि हमे ये शराब बेचने वाली सरकार को उखाड़ फेकना है और नवा छत्तीसगढ़ बनाने में कांग्रेस का साथ देना।

पिछले चुनाव 2013 को लेकर कवर्धा विधानसभा की बात करें तो भाजपा ने नगर पालिका उपाध्यक्ष अशोक साहू को अपना प्रत्याशी बनाया था तो कांग्रेस ने ग़द्दावर नेता मोहम्मद अकबर को अपना प्रत्याशी बनाया था मगर महज 2 हजार 5 सौ वोटो के अंतर से भाजपा प्रत्यशी अशोक साहू को जीत हासिल हुआ था मगर हार के बाद भी मोहम्मद अकबर लगातार 5 वर्षो से कवर्धा सीट हासिल करने को लेकर लगे हुए है जबकि 2013 में महल ने कांग्रेस का साथ नही दिया था जिसके बाद भी कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद अकबर बहोत कम वोटों से पराजित हुए थे मगर अब 2018 विधानसभा में कवर्धा सीट हासिल करने को लेकर उम्मीद लगाए बैठे कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद अकबर को और कांग्रेस को महल ने समर्थन दे दिया जिसके बाद अब देखना ये होगा कि दोनों पूर्व प्रत्याशियों में पांच साल विधायकी करने वाले भाजपा प्रत्याशी अशोक साहू को या महल संघ मिल अकबर को चुनाव 2018 विधानसभा सीट कवर्धा की नइया जनता पार ले जाती है।

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