राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर श्री डी श्याम कुमार नई दिल्ली में सम्मानित

 

नई दिल्ली राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर डी.श्याम कुमार को हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए “स्पेशल ज्यूरी अवार्ड ” और बेस्ट हिंदी फीचर ” लेखन को भी लेकर “लाडली मीडिया सम्मान ” से समानित किया गया।

उन्होंने यह संम्मान राष्ट्रीय पत्रकारिता के सशक्त हस्ताक्षर वरिष्ठ पत्रकार श्री पी. साईनाथ जेंडर एडवोकेसी और डायरेक्टर जनरल डॉक्टर शारदा अंतरराष्ट्रीय संस्थान पापुलेशन फर्स्ट के श्री के. तीस्ता और यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के प्रमुख के हाथों से ग्रहण किया।

ये सम्मान उन्हे बीबीसी हिंदी में उनके विशेष आलेख जो कि सरगुजा में व्याप्त मनाव तस्करी और उनके शिकार में फसने वाले 6 से 18 साल के बच्चों के हालात पर 5 राज्यो में शोध के बाद लिखे गए आलेख पर दिया गया।

इस विषय पर लिखने के लिए श्याम कुंमार जी ने मुम्बई के कमाठीपुरा,फारस रोड, दिल्ली के जीबि रोड, कलकत्ता के सोनागाछी, झारखण्ड, आंध्रप्रदेश और उड़ीसा राज्यो में लगातार दौरों और असंख्य इंटरव्यू के बाद लिखा था।

वर्तमान में श्याम कुमार ग्लोबल न्यूज़ सर्विस में मध्य भारत में विशेष संवाददाता के रूप में सेवाएं दे रहे है उनके पास छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड का प्रभार है।

पूर्व में उन्हें अंग्रेज़ी माध्यम के पत्रकारिता में उल्लेखनिय योगदान के लिये छत्तीसगढ़ के राज्य अलंकरण से समानित किया गया था। ये सम्मान मधुकर खेर स्मृति सम्मान पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों प्रदान किया गया था।

साथ ही साथ उन्हें ग्रामीण पत्रकारिता के लिए “अच्छे लोग सम्मान “धूर नक्सली क्षेत्र बस्तर में सैकड़ो के तादाद में धमाकों से उड़ाए गए स्कूलों के बाद बच्चो की स्थिति पर ग्राउंड जीरो पर विशेष रिपोर्ट के लिए नई दिल्ली में ” नेशनल मीडिया अवार्ड।

छत्तीसगढ़ के बदलते जलवायु पर्यावरण पर उसके प्रभाव और कैसे और क्यों छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में उपयोग किये जा रहे ग्रामीण साग और सब्जियों सेहत के लिए महत्वपूर्ण है उसके लिए नई दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट के द्वारा” पोस्ट डाक्टरल फ़ेलोशिप”।

छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में मां और बच्चे अनजाने में ही कैसे पोषक आहार और सही डॉक्टरी मार्गदर्शन के आभाव में अनेक बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं और कैसे असमय मौत के मूँह में समा जाते हैं उसके लिए “यूएनडीपी,लाडली” रिसर्च फ़ेलोशिप ” प्रदान किया गया है।

पत्रकारिता के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह जी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय, वर्तमान राज्य सभा सांसद, सुश्री सरोज पांडेय के द्वारा भी समानित किया गया है।

वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ साथ “स्ट्रेटेजिक कम्युनिकेशन” में PhD, और ग्रामीण पत्रकारों के लिए पत्रकारिता एवं बाल अधिकारों पर विशेष रेजिडेंशियल ट्रेनिग कार्यक्रम सम्पादित कर रहे हैं जिसके अंतर्गत पिछले 3 वर्षों में राज्य के विभिन्न जिलों से तकरीबन 120 ग्रामीण पत्रकार प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ ले चुके है।

error: Content is protected !!