हास्य कवि पद्मश्री सुरेंद्र दुबे ने थामा भाजपा का हाथ

०० राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह की मौजूदगी में उन्होंने ली पार्टी की सदस्यता

रायपुर| छत्तीसगढ़ के जाने-माने हास्य कवि पद्मश्री सुरेंद्र दुबे ने बुधवार को औपचारिक रूप से भाजपा का दामन थाम लिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली। इसके साथ ही उन्होंने मंच से शाह का जमकर गुणगान किया। कवि सुरेंद्र दुबे की प्रदेश में दमदार छवि है। ऐसे में माना जा रहा है कि उनके आने से पार्टी को फायदा मिलेगा।

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में जन्मे, दुर्ग के निवासी सुरेंद्र दुबे ने अपना पूरा जीवन छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में समर्पित किया है। कवि सुरेंद्र दुबे को छत्तीसगढ़िया गौरव का प्रतीक भी माना जाता है। उन्होंने अपने प्रदेश की भाषा और संस्कृति को विभिन्न राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों से बढ़ावा दिया है। इसके साथ साथ एक दशक से उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए भी प्रयासरत हैं। कवि सुरेंद्र दुबे अघोषित रूप से हमेशा भाजपा का समर्थन करते अाए हैं। अपनी कविताओं और भाषण के माध्यम से भाजपा व रमन सरकार की योजनाओं और विकास मॉडल को जन जन तक पहुंचाने का काम भी बखूबी किया है। हाल ही में मॉरिशस में हुए विश्व हिंदी सम्मेलन में केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी इनकी प्रतिभा को सराहते हुए सकारात्मक शब्द कहे थे। साथ ही वह मुख्यमंत्री डॉ  रमन सिंह के वफादार शुभचिंतक माने जाते हैं।

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