कौशल उन्नयन से बच्चों के जीवन में भारी  परिवर्तन  आरहा है : केदार कश्यप

०० स्कूल शिक्षा मंत्री के मुख्य आतिथ्य में कौशल रथ ‘‘स्कील ऑन व्हील्स’’ का हुआ समापन 

०० युवा हुनरमंद बन अपना  भविष्य सँवारें, घर-परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को करें मज़बूत-मंत्री श्री केदार कश्यप

०० जिले की 34 ग्राम पंचायतों में पहुँचा कौशल रथ

रायपुर | आदिम जाति विकास एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री केदार कश्यप  आज सवेरे नगरपालिका सामुदायिक भवन में आयोजित स्किल आन व्हील योजना के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। समापन समारोह में मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि कौशल रथ का मूल उद्देश्य लोगों को स्किल इंडिया के प्रति जागरूक करना तथा कुशल बनाना है। सरकारी क्षेत्र में  नौकरिया सीमित हैं। युवा अपनी अभिरुचि के अनुसार कौशल प्रशिक्षण लेकर अपना  भविष्य सँवारें  और अपने घर-परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को भी मज़बूत  करें । इस अवसर पर उन्होंने कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कुमार संगीता नुरेटी एवं  लोकेश कुमार को प्रमाण पत्र प्रदान किए ।

उन्होंने कहा कि कौशल विकास एवं उद्यमिता की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विगत 12 अगस्त को राजधानी रायपुर के जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज परिसर में स्किल आन व्हील योजना का  केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री अनंत कुमार हेगड़े और  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ 17 अगस्त से प्रदेश के सभी जिलों में पहुँचा और युवाओं को रोजगार के अवसरों की जानकारी दे रहा है। इस अवसर पर मंत्री  श्री कश्यप ने कहा कि हमें इस बात से खुशी है कि छत्तीसगढ़ ने देश मे पहली बार राइट टू स्किल्स बना कर देश भर में नया आदर्श खड़ा किया है। छत्तीसगढ़ में स्किल आॅन व्हील्स की भी शुरूआत भी की गई है।  प्रदेश सरकार ने लाइवलीहुड कॉलेज की शुरूआत की और इस वजह से छत्तीसगढ़ का नाम और ऊचाईयों को छू रहा है। बाकी राज्यों में भी  छत्तीसगढ़ की इन उपलब्धियों को गिनाया जाता हैं ।  मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि  प्रदेश के बच्चों को बैंगलोर, पुणे, मद्रास ओर दिल्ली जैसी जगहों में जॉब मिला है। बस्तर सरगुजा, दूरस्थ अंचलो के बच्चे जब वहां से वापिस आतें है तो वहां से आने के बाद उनकी सूरत इतनी बदल जाती है कि उन्हें पहचान पाना मुशिकल हो जाता है। वो स्मार्ट हो जाते हैं। कौशल उन्नयन से बच्चों के जीवन में भारी  परिवर्तन  आरहा है । कौशल विकास रथ विद्यालय, महाविद्यालय, इंजीनियरिंग कालेज और ड्राप आउट छात्र तक पहुंच रहा हैं। उन्हें बताया जा रहा है कि सिर्फ सरकारी नौकरी ही कॅरियर बनाने के लिए एकमात्र विकल्प नहीं है, बल्कि कौशल विकसित करके स्वरोजगार भी किया जा सकता है। इसमें युवाओं को मुद्रा बैंक योजना, स्टार्टअप इंडिया व अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी दी जारही है। प्रथम चरण में प्रदेश के 15 जिलों में 17 से 31 अगस्त तक 15 कौशल रथ रवाना किए गए है। इस दौरान 15 दिनों तक सेमीनार, परिचर्चा, संगोष्ठी, नुक्कड़ सभा के माध्यम से प्रचार किया जारहा है। प्रथम चरण में रायपुर, दुर्ग, कांकेर, रायगढ़, बालोद, गरियाबंद, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, बीजापुर, भिलाई, धमतरी, सुकमा और रायपुर ग्रामीण में रथ गये है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अशोक चौबे ने कौशल रथ की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि बीते माह की 12 तारीख को रायपुर से रथ की शुरुआत हुई थी  । नारायणपुर की चिन्हांकित कुल 34 ग्राम पंचायतों में कौशल योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। जिसमें कुल 2177 आवेदन पत्र जमा किये गये। कौशल विकास के अंतर्गत अपनी रूचि एवं आवश्यकता के अनुरूप रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर सर्व श्री दिनेश कुमार नाग, एसएन बाजपेयी, संगठन पदाधिकारी श्री गौतम गोलछा, श्री बृजमोहन देवांगन, सहायक परियोजना अधिकारी श्री लालचंद्र शाह, अध्यक्ष ट्रवे एजुकेशन सेंटर नारायणपुर श्री आकाश जैन के अलावा बड़ी संख्या में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र-छात्रायें व शिक्षक-शिक्षिकायें उपस्थित थे।

 

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