प्रत्येक विधानसभा में एक बूथ महिलाए करेगी संचालित : सीईसी

रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश की गतिविधियों और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान आयुक्त ओपी रावत, निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोरा और निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा ने प्रदेश की राजनैतिक पार्टियों और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। बैठक के दौरान आयुक्त को राजनैतिक पार्टियों ने कुछ सुझाव भी दिए। साथ ही रावत ने अधिकारियों को बैठक के दौरान कुछ आवश्यक निर्देश भी दिए। साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग ने जानकारी दी कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रत्येक विधानसभा में एक ऐसा बूथ होगा जो पूरी तरह से महिलाओं द्वारा संचालित होगा।
ओपी रावत ने रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान जानकारी दी कि आयोग कोई भी मतदाता न छूटे के सिद्धांत पर चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। रावत ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग पहली बार एक्सेबिलिटी पर्यवेक्षक की नियुक्ति करेगा। जो चुनाव प्रक्रिया की मॉनीटरिंग करेंगे। साथ ही सी-विजिल एप का पूरा सहयोग मतदाताओं के साथ होगा, जो किसी भी प्रकार की मतदान या चुनाव संबंधी गड़बड़ी को सीधे तस्वीर लेकर या वीडियो आयेग के पास भेज दे। इसमें एक यह भी सुविधा है कि जो व्यक्ति अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहता वह गोपनीय तरीके से भी अपने साक्ष्य अपलोड कर सकता है। उस साक्ष्य पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी। उसकी पूरी जानकारी सूचनाकर्ता को एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। यदि गोपनीय तरीके से साक्ष्य उपलब्ध कराया गया हो तो ऐसी स्थिति में कार्रवाई की जानकारी सूचनाकर्ता को नहीं होगी, उसे मीडिया या टेलीविजन चैनलों के माध्यम से कार्रवाई की जानकारी मिलेगी। उन्होंने जानकारी दी कि जिन स्थानों में इंटरनेट कनेक्टिविटी होगी, उन मतदान केन्द्रों के सीसीटीवी फुटेज दिल्ली स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय, राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय और रिटर्निंग अफसर कार्यालय में लाइन देखे जा सकेंगे। आयोग को यह भी ध्यानाकृष्ठ कराया गया है कि आगामी त्यौहारों को देखते हुए चुनाव कार्यक्रम निर्धारित किए जाएं। रावत ने वन नेशन वन इलेक्शन पर पूछे गए सवाल पर कहा कि, जिस हाउस की समायवधि पूरी नहीं हुई हो उस हाउस के चुनाव के बारे में तो आयोग विचार भी नहीं कर सकता। यह संभव नहीं हैं। रावत ने बताया कि राज्य में कुल 90 निर्वाचन क्षेत्र है, जिनमें सामान्य 51, अनुसूचित जाति 10 और अनुसूचित जनजाति 29 हैं। 31 जुलाई के अनुसार प्रदेश में 1 करोड़ 81 लाख मतदाता हैं, जिनमें 91.46 लाख पुरुष, 90.32 लाख महिला व 831 थर्ड जेंडर हैं।  प्रदेश में वर्तमान में 23 हजार 6 सौ 32 मतदान स्थानों में कुल 19 हजार 5 सौ 45 मतदान केन्द्र हैं। इन मतदान केन्द्रों में एएमएफ के मापदण्डों के अनुरुप रैम्प 89 प्रतिशत मतदान केन्द्रों में, पेयजल 98.43 प्रतिशत मतदान केन्द्रों में, शौचालय पुरुष 97.84 व महिला 92 प्रतिशत मतदान केन्द्रों में, बिजली 95.40 प्रतिशत मतदान केन्द्रों में और प्रतीक्षालय/शेड 100 प्रतिशत मतदान केन्द्रों में उपलब्ध है। प्रदेश के सभी 23 हजार 632 मतदान केन्द्रों में ईवीएम और वीवीपैट का उपयोग किया जाएगा।  मतदाताओं की सुविधा के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है। ताकि मतदाता सुविधाजनक व सुचारु मतदान कर सकें। प्रत्येक मतदान केन्द्र में मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदाता सुविधा बूथ होगा। मतदान केन्द्र के स्थान पर संशोधित फोटो मतपर्ची, मतदाताओं को मार्गदर्शन के लिए प्रदान किया जाएगा। मतदाता सुविधा पोस्टर मतदान केन्द्र के बाहर प्रदर्शित किया जाएगा। मतदान की गोपनियता बनाए रखने के लिए मतदान कम्पार्टमेंट की ऊंचाई 23 इंच से बढ़ाकर 30 इंच की गई है।

error: Content is protected !!