शिक्षिका ने स्कूल के बाहर लगायी क्लास, पढ़ाने के दौरान बच्ची को सांप ने काटा, हुई मौत

०० महिला शिक्षक की लापरवाही से गई 10 वर्षीय बच्ची की जान

०० सांप काटने से हुई बालिका की मौत पर शिक्षा विभाग मौन

करगीरोड कोटा। प्राथमिक शाला मौहारखार में पांचवी कक्षा में पढ़ने वाली 10 वर्षीय छात्रा तुलसी यादव पिता मनोज यादव निवासी मौहारखार की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई, स्कूल के पास रहने वाले स्थानीय निवासियों ने बताया कि स्कूल की मधु व स्वाति दोनो शिक्षिका द्वारा बच्चों को स्कूल के बाहर पढ़ाया जा रहा था, उस दौरान यह घटना घटी घटना घटने के बाद 10 वर्षीय छात्रा तुलसी यादव को कुछ समझ में नहीं आया बार-बार पैरों को झटकारते हुए काफी देर बाद शिक्षिका ने देखकर बच्ची को घर लेकर गया, बच्ची के पिता को इसके बारे में जानकारी दी गई उसके बाद करीब 1:15 बजे के आसपास बच्ची को कोटा हॉस्पिटल ले गया जहां पर झटका आने के दौरान ऑक्सीजन और दवाइयां दी गई, जैसा कि कोटा हॉस्पिटल के डॉक्टर द्वारा बताया गया बच्ची को हॉस्पिटल से लाने के बाद बच्ची की तबीयत फिर से खराब होने लगी मुंह से झाग आने पर तत्काल उसे फिर से कोटा हॉस्पिटल लेकर परिवार द्वारा लेकर गया जहां से उसे बिलासपुर रिफर कर दिया गया बिलासपुर पहुंचते ही बच्ची की मौत हो गई मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल बच्ची के पोस्टमार्टम के बाद वापस कोटा लाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

प्राथमिक शाला मोहारखार की जर्जर स्थिति को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है,कि स्कूलों की हालत क्या होगी 60 से 65 बच्चों की स्कूल में उपस्थिति रहती है,प्रधान पाठक के बगैर दो महिला शिक्षकों द्वारा बच्चों को पढ़ाया जाता है,स्कूलों की जर्जर स्थिति के अलावा अतिरिक्त कमरे जो बनाए गए हैं, स्कूल के बगल से उसकी भी हालत इतनी जर्जर है ,कि बच्चे वहां पर बैठ कर पढ़ नहीं सकते बरसात के दिनों में पूरा पानी टपकता और बरसता है, इन वजहों से आज शिक्षिका द्वारा बच्चों को बाहर पढ़ाया जा रहा था, स्थानीय बच्चों के अन्य पालको द्वारा भी यह बताया गया कि इससे पूर्व भी बच्चों को बाहर पढ़ाया जाता रहा है,आज स्कूलों की जर्जर स्थिति के वजह से स्कूल के बाहर बच्चों को पढ़ाया जा रहा था, उस दौरान नीचे जहां पर बिल नुमा जगह से सांप निकल कर एक 10 वर्षीय छात्रा की मौत का कारण बना, शिक्षा विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारी लाख दावा करें की सरकारी स्कूलों में स्कूलों की जर्जर स्थिति, पढ़ाई की जर्जर स्थिति को देख कर आने वाले समय में कहीं ऐसा ना हो कि पालक अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने के बजाए घर में रखना पसंद करें, जहां पर जान माल की सुरक्षा ना हो वहां पर कोई भी पालक गण अपने बच्चों को क्यों पढ़ाएगा। इस पूरे मामले पर स्कूल के पास रहने वाले बच्चों के स्थानीय पालकों ने स्कूल में पढ़ाने वाली शिक्षिका पर भी गंभीर आरोप लगाए उनके द्वारा बताया गया, कि स्कूल में पढ़ाने वाली शिक्षिका मधु व स्वाति बच्चों से मारपीट करती हैं, बच्चों को पढ़ाने के बजाय बाहर निकल कर मोबाइल में बात करती रहती हैं ,शिकायत की बात करने पर उल्टे बच्चों के पालको को ही डांट दिया जाता है और कोई भी मामले में फसाने की बात करती है दोनों शिक्षिका  के द्वारा , इस बारे में रानीसागर पंचायत सरपंच मुन्नीबाई की भूमिका भी संदिग्ध है ,स्कूल के बाहर बाउंड्री वॉल पर लाखों रुपए खर्च कर दिया गया पर स्कूल के अंदर की जगहों को स्कूल के कमरों को, स्कूल के किचन के लिए पंचायत के सरपंच को कोई सरोकार नहीं आज जो घटना घटी है, जो लापरवाही बरती गई है ,जिसकी वजह से एक 10 वर्षीय मासूम छात्रा की मौत हो गई शिक्षा विभाग और शिक्षा विभाग के शिक्षिका के अलावा रानीसागर पंचायत के सरपंच भी दोषी है ,लाखों रुपए का बंदरबांट लाखों रुपए का भ्रष्टाचार की शिकायतें भी इस पंचायत के बारे में आ चुकी है ,पंचायत के सरपंच मुन्नी बाई ध्रुव से इस बारे में जानकारी लेने पर उनको स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों के नाम ही मालूम नहीं था।

 

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