रमन सरकार की मोबाईल से 55 लाख परिवार की जान जोखिम में : कांग्रेस

०० कमीशनखोरी के लिए खरीदे स्तरहीन स्काई योजना का मोबाइल चांपा, कोरबा, कवर्धा में फटे भाजपा सरकार के कमीशनखोरी से फट रहे है मोबाईल :  कांग्रेस

रायपुर। चांपा, कोरबा, कवर्धा में संचार क्रांति योजना के तहत बांटे गये मोबाइल के ब्लास्ट होने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मोबाईल फटने की लगातार हो रही घटनाओं को मोबाईल खरीदी में हुई कमीशनखोरी का दुष्परिणाम बताया। दो दिनों में लगातार तीन घटनायें होने से भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार की कमीशनखोरी की भेंट सरकारी योजनाएं चढ़ती है। जनता के नाम से योजना बनाकर कमीशनखोरी कर भाजपा अपना खजाना भरती हैं।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार के खजाने से जनता के नाम से पैसा तो निकलता है लेकिन जनता को उसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पाता है। कमीशनखोरी के चलते ही संचार क्रांति योजना में स्तरहीन मोबाइल की खरीदी की गई जिसका ही नतीजा है कि चांपा, कोरबा और कवर्धा में मोबाइल वितरण के बाद मोबाइल ब्लास्ट हो गये। भाजपा सरकार स्तरहीन मोबाइल बांटकर 55 लाख परिवारों के जीवन में खतरा उत्पन्न कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में अन्य मोबाइल फटने की घटना से आंख, हाथ, पैर, कान, नाक क्षति होना एवं आगजनी, जनहानि की घटना घटित हो चुकी है। ऐसे में रमन सरकार के द्वारा बांटी जा रही मोबाइल आम जनता के लिए सुरक्षित नहीं है लेकिन मोबाइल से मिले कमीशन के कारण भाजपा सरकार मोबाइल फटने की घटनाओं के बावजूद उक्त मोबाइल का वितरण कर रही है। उन्होने कहा कि संचार क्रांति योजना के तहत बांटे गये मोबाइल के कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने और जनता को उच्च क्वालिटी के सुरक्षा मानक को पूरा करने वाले मोबाइल देनी चाहिये। उन्होने रमन सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके पहले भी लेपटाप एवं टेबलेट वितरण योजना, चरणपादुका योजना, सरस्वती सायकल योजना, मजदूरों के लिए टिफिन खरीदने की योजना, किसानों के लिए सोलर पंप खरीदने की योजना, पांचवी अनुसूची क्षेत्र में सोलर लाइट टॉर्च खरीदी योजना, स्कूलों के लिये टेबल कुर्सी, पुस्तक खरीदने की योजना, दवाइयों एवं चिकित्सीय उपकरण खरीदने की योजना, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षाबलों के लिये मच्छरदानी, टार्च, दवाईयां, सुरक्षा उपकरण खरीदने की योजना भी कमीशनखोरी की भेंट चढ़ चुकी है।

 

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