सबके सहयोग से मंजिल तक पहुंचेगी कुपोषण से सुपोषण की यात्रा : श्रीमती रमशीला साहू

०० कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने में जनभागीदारी जरूरी : अजय चंद्राकर

०० राजधानी में पोषण अभियान पर राज्य स्तरीय कार्यशाला

रायपुर| महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने आज यहां पोषण अभियान पर एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा छत्तीसगढ़ प्रदेश कुपोषण से सुपोषण की ओर तेजी से लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुपोषण से सुपोषण की यात्रा को सबके सहयोग से ही मंजिल तक पहुंचाया जा सकता है। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, संसदीय सचिव श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद पाल, केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री राकेश श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव डॉ. राजेश कुमार, छत्तीसगढ़ सरकार की सचिव महिला एवं बाल विकास डॉ. एम. गीता, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री गौरव द्विवेदी, यूनिसेफ के भारत स्थित प्रभारी अधिकारी श्री अर्जन डी. वेग सहित वरिष्ठ अधिकारी और प्रदेश के विभिन्न जिलों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित पर्यवेक्षक आदि बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में पोषण अभियान पर आधारित एक ब्रोशर और दो पुस्तिकाओं का भी विमोचन किया गया।

शुभारंभ सत्र को सम्बोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने कहा कि स्वस्थ समाज, स्वस्थ राज्य और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण के लिए माताओं और बच्चों को कुपोषण से बचाना और उनकी सेहत की अच्छी देखभाल करना बहुत जरूरी है। इसके लिए घर-परिवार के साथ-साथ समाज को भी हमेशा जाग्रत रहना होगा। सरकार भी इस दिशा में सजग है और छत्तीसगढ़ को कुपोषण से मुक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण गतिविधियों के साथ-साथ विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं से लेकर छह वर्ष आयु समूह के बच्चों के साथ-साथ किशोरी बालिकाओें, गर्भवती माताओं और स्तनपान करवाने वाली माताओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना पोषण अभियान का प्रमुख लक्ष्य है। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने इस अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (ए.एन.एम.) की भूमिका को बहुत महत्वपूर्ण बताया। इस अभियान में मोबाइल फोन के जरिये आंगनबाड़ी केन्द्रों की सेवाओं की लगातार मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था की गई है। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ की अलग-अलग भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कुपोषण मुक्ति के अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों सहित सभी लोगों के सक्रिय सहयोग का आव्हान किया। श्री चंद्राकर ने कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में जनभागीदारी को निरंतर बनाए रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से और आम जनता के सहयोग से हमारे यहां कुपोषण की दर में एक वर्ष के भीतर 15 प्रतिशत कमी आयी है। इसके  लिए आंगनबाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ बनाते हुए वजन तिहार जैसे आयोजन भी किए जा रहे हैं। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया गया है। चंद्राकर ने कहा कि टीकाकरण आदि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है। ऐसे प्रयासों से राज्य में शिशु मृत्यु दर और मातृमृत्यु दर में भी कमी आयी है। पंचायत मंत्री श्री चंद्राकर ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन को जिस तरह से जन आंदोलन बनाकर छत्तीसगढ़ के गांवों में स्वच्छता का शत-प्रतिशत कव्हरेज हासिल किया गया है, उसी तरह पोषण अभियान में भी समाज के सभी वर्गों को जोड़कर प्रदेश को कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के रूप में विकसित करना होगा।

 

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