प्रचुर संसाधन लूटने वालों को छग महतारी कभी माफ नहीं करेगी: डॉ. महंत

०० हरेली तिहार के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सपत्निक शामिल हुए डॉ. चरणदास महंत

रायपुर।छत्तीसगढ़ महतारी के आंचल में प्रचुर संसाधन हैं जिससे यहां के गरीबों व रहवासियों का समुचित विकास हो सकेगा। इसे लूटने वालों को छत्तीसगढ़ महतारी कभी माफ नहीं करने वाली। 
उक्त बातें पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री व छग कांग्रेस इलेक्शन कैम्पेन कमेटी के चेयरमेन डॉ. चरणदास महंत ने दर्री मार्ग में हसदेव बरॉज तट पर नवनिर्मित मंदिर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। डॉ. चरणदास महंत धर्मपत्नी ज्योत्सना महंत के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पकवानों का भोग लगाया।

हरेली तिहार के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि उप नेता प्रतिपक्ष कवासी लखमा ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी ने बुलाया और मैं चला आया। यह मेरा सौभाग्य है जो इस पावन कार्य में पहुंचने का अवसर मिला। कोरबा व बस्तर दोनों स्थानों में स्वर्णिम संसाधन हैं, आवश्यकता उनके समुचित दोहन की है। बस्तर को सरकार संभाल नहीं पा रही है और छत्तीसगढ़ महतारी सुरक्षित नहीं है, उसे बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस मौके पर डॉ. महंत, कवासी लखमा व अन्य ने हरेली पर्व की परंपरागत गेड़ी चढ़ी और नारियल फेंक प्रतियोगिता में भी शामिल हुए। इस अवसर पर अतिथियों समेत कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महापौर रेणु अग्रवाल, विधायक जयसिंह अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक बोधराम कंवर, रामपुर विधायक श्यामलाल कंवर आदि ने भी छग महतारी सहित कृषि उपकरणों की पूजा-अर्चना की।  इस अवसर पर प्रदेश के जसगीत गायक देवेश शर्मा, लोकगीतकार लक्ष्मण मस्तुरिया, भजन गायक संजय बेहिदार सहित मोर माटी के नाचा की रंगारंग प्रस्तुति की गई। देवेश शर्मा के कार्यक्रम के दौरान दिल्ली की आकर्षक मनमोहक झांकियों की प्रस्तुति ने उपस्थित हजारों लोगों का मन मोह लिया।  कार्यक्रम के प्रारंभ में अरसा प्रसाद से छत्तीसगढ़ महतारी को भोग लगाया गया। लोगों को वितरित भण्डारा प्रसाद में टमाटर चटनी, बड़ा, खुर्मी, ठेठरी और छत्तीसगढ़ में खास तौर से खाई जाने वाली भिण्डी, मखना, दही की खट्टी सब्जी के साथ भण्डारा प्रसाद का वितरण किया गया। उपस्थित लोगों ने इस आयोजन की मुक्त कण्ठ से प्रशंसा की।  कार्यक्रम में गोपाल थवाईत, श्रीकांत बुधिया, राजकिशोर प्रसाद, उषा तिवारी, अजय जायसवाल, धुरपालसिंह कंवर, अशोक जायसवाल, विशेषर अग्रवाल, हरीश परसाई, सुरेश सहगल, सुरेन्द्र लाम्बा, अशोक तिवारी, सपना चौहान, श्याम सुंदर सोनी, विमलेश मिश्रा, रमेश जायसवाल, सुरेन्द्र जायसवाल, संतोष राठौर, विकास सिंह, सर्वजीत सिंह, ठाकुर प्रसाद अकेला, लक्ष्मी देवांगन, रोहित राजवाड़े, संतसेवक गुप्ता, अमरजीत सिंह सहित हजारों श्रद्धालुगण उपस्थित थे। 

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