नक्सल उग्रवाद प्रभावित जिलों में बढ़ायी जायें बैंकिग सुविधायें: अजय सिंह

०० मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स  समिति की बैठक सम्पन्न

०० ऋण स्वीकृति में हितग्राही मूलक योजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश

रायपुर| मुख्य सचिव अजय सिंह की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक सम्पन्न गई। मुख्य सचिव ने बैंकर्स को निर्देश दिये है कि राज्य के नक्सल उग्रवाद हिंसा से प्रभावित (एल.डब्ल्यूू. ई.) जिलों में बैंकिग सेवाये और अधिक विस्तारित की जाये। यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाएं तथा एटीएम की सुविधा बढ़ायें। श्री सिंह ने डिजीटल भुगतान, बैंक खातों में आधार और मोबाईल सीडिंग की प्रगति सहित प्रधानमंत्री जीवन ज्योति, बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार, स्टेण्ड अप इंडिया, प्रधानमंत्री फसल बीमा, प्रधानमंत्री आवास, राष्ट्रीय लाईवलीहुड मिशन ग्रामीण तथा शहरी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, अन्त्योदय और आदिवासी स्वरोजगार योजनाओं सहित अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं के प्रकरणों की बैंकवार विस्तृत समीक्षा की गई।
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में बैंकों के अधिकारियों ने केन्द्र और राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतगर्त ऋण प्रकरणों की जानकारी बैंकवार प्रस्तुतिकरण के जरिये दी। बैठक में जानकारी दी कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत राज्य में 10 लाख 36 हजार से अधिक लोगों को बीमा सुरक्षा का लाभ दिया गया है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 45 लाख 16 हजार 83 लोगो का बीमा कराया गया। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पिछले साल तीन लाख से ज्यादा हितग्राहियों को विभिन्न बैंकों में ऋण स्वीकृति के प्रकरण लिए गये। इसी तरह से स्टेण्ड-अप योजना के तहत पिछले साल 811 लोगो को अपना उद्योग लगाने के लिए 176 करोड़ 86 लाख रूपए की राशि ऋण के रूप में दी गई है। इस वित्तीय वर्ष में बैको द्वारा 4 हजार 510 लोगो को योजना के तहत ऋण स्वीकृत करने का लक्ष्य है। बैंको के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री अटल आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 में दो हजार 968 लोगो के आवास ऋण स्वीकृत किये गये है इस वित्तीय वर्ष में अब तक 765 लोगो के विभिन्न बैंकों ने आवास के ऋण स्वीकृत किये है। इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण लाईवलीहुड मिशन के तहत इस वर्ष 9 हजार 881 हितग्राहियों ने आवेदन दिये है। जिनमें से दो हजार 223 प्रकरणों पर विभिन्न बैंको द्वारा ऋण स्वीकृत कर दिये है। इसी तरह राष्ट्रीय शहरी लाईवलीहुड मिशन के तहत 16 हजार से अधिक लोगों को ऋण स्वीकृत किये गए। मुख्य सचिव ने बैंकर्स को निर्देश दिए है कि हितग्राही मूलक योजनाओं के अंतगर्त ज्यादा से ज्यादा प्रकरण अनुसूचित जाति, जनजातीय के हितग्राहियों के ऋण प्रकरण स्वीकृत करें। बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, अन्त्योदय स्वरोजगार और आदिवासी स्वरोजगार योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि सेवा केन्द्र, डेयरी विकास, शिक्षा ऋण सहित राज्य के किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर, ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन, सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खादी ग्राम उद्योग बोर्ड के महाप्रबंधक श्री आलोक अवस्थी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की क्षेत्रीय निदेशक सुश्री श्यामा सरस्वती, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक मुख्य महाप्रबंधक (भोपाल) श्री राजेश कुमार, के अलावा नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एच.डी.एफ.सी. बैंक, आई.सी.आई.सी. बैंक, अपेक्स बैंक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक सहित छत्तीसगढ़ में स्थित विभिन्न बैंक के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

error: Content is protected !!