जनता की पसंद से टिकट दिया तो बिलासपुर से जीतेगी कांग्रेस

०० कांग्रेस के पास बिलासपुर में खोने के लिए कुछ नही है और पाने के लिए है सब कुछ

०० कांग्रेस को ऐसे किसी नए चेहरे को मौका देना होगा जो भाजपा के नेता से ना डरता हो

बिलासपुर। बिलासपुर विधानसभा क्रमांक 24 में कांग्रेस की जीत का सबसे बड़ा आधार यही हो सकता है कि पार्टी उस चेहरे को टिकट दे जिसे जनता पसंद कर रही है, इसके अतिरिक्त अन्य कोई फार्मुला यहां पार्टी की जीत का आधार नही बन सकता। कांग्रेस पार्टी जब कभी भी राज्य में अथवा केन्द्र में सत्ता में रही तब उसने सरकारी एजेन्सीयों का वैसा दुरूपयोग नही किया जैसा वर्तमान सत्ता करती है। अभी तक राज्य सरकार के पास एक दो नही पांच स्तरों से बिलासपुर विधानसभा की सुचनाएं पहुंची है इनमें बिलासपुर ही एक ऐसा स्थान है जहां से भाजपा समीकरण के आधार पर निश्चिन्त हो सकती है। यदि विपक्षिय दल इन समीकरणों को समझ कर अपनी चाल चलें तो भाजपा को बिलासपुर में कठनाईयों का सामना करना पड़ेगा।

उच्च राजनैतिक स्तर पर जैसी चर्चा बसपा और कांग्रेस के मध्य चल रही है जिसमें बसपा ने कांग्रेस से छत्तीसगढ़ में 15 सीट मांगी है और कांग्रेस पांच सीट देने के मुड़ में है उससे यह लगता है कि दोनो दलों के बीच पांच से दस के बीच किसी भी अंक पर समझौता हो सकता है। कांग्रेस जिन पांच सीटों को देने के मुड़ में है उनमें जैजैपुर, पामगंढ़, अकलतरा, जांजगीर, चन्द्रपुर है। बसपा जिन दो सींटों को बिलासपुर में लेना चाहती है उनमें तखतपुर एवं बेलतरा शामिल है। यदि दोनो दलों के बीच समझौता हो गया तो बिलासपुर विधानसभा में जो तीन हजार से अधिक वोट बसपा काटती है वह बचेगा और आप पार्टी ने जिस वर्ग विशेष से प्रत्याशी तय किया है वह वर्ग भाजपा के वोट बैंक वाला माना जाता है। उसी वर्ग से प्रत्याशी खड़ा करके आप ने भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की। कांग्रेस के पास बिलासपुर में खोने कुछ नही है और पाने के लिए सब कुछ है। प्रदेश अध्यक्ष और टिकट चयन समिति यदि जिले में नई हवा लाना चाहता है तो उसे ऐसे किसी नए चेहरे को मौका देना होगा जो भाजपा के नेता से डरता ना हो जिसका पिछला कुछ वर्ष शहर में सामाजिक सरोकार वाला रहा हो जो युवाओं के बीच लोकप्रिय हो साथ ही साथ उसमें सॉफ्ट हिन्दु मतों को अपने साथ जोड़ने की क्षमता हो। चुनाव में भाजपा का प्रत्याशी धन का इतना प्रवाह लाने की क्षमता रखता है जिसका मुकाबला कोई अन्य धन से नही कर सकता। धन बल छल बल का मुकाबला केवल बौद्धिक चातुर और सहज संवाद से ही किया जा सकता है। बिलासपुर की जनता अब बदलाव के मुड में तो है किन्तु यह बदलाव तभी संभव है जब विपक्षिय कांग्रेस पार्टी किसी ऐसे चेहरे को मौका दे जिसका हार का कोई पुराना हिसाब किताब नही है  फिर भले उसे पार्टी में आए हुए थोड़ा ही वक्त हुआ हो।

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