‘पीओ और जीयो’ के सहारे मुख्यमंत्री सत्ता वापसी का देख रहे हैं सपना: अमित जोगी

०० लुटो खज़ाना, बुलाओ करीना और कंगना‘, यही है रमन सरकार की नीति: अमित जोगी

०० बढ़ाने के बदले बाँटनामुख्यमंत्री की हताशा का परिचायक, यूपी में सैमसंग प्लांट लगा सकता है तो छत्तीसगढ़ में जिओ क्यों नही ?

०० 55% क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं, 9000 टॉवर की जगह मात्र 2000 टॉवर, ऐसे में लोग स्मार्ट फ़ोन का कैसे उपयोग करेंगे? 

०० टेंडर में बोली के आधार पर नहीं, मुख्यमंत्री कमीशन सिंहने अपने ड्रॉइंग रूम में बोली के आधार पर जीयो को ठेका दिया- निविदा पर श्वेत पत्र जारी हो

०० स्मार्ट फ़ोन बाँटने वाले ख़ुद स्मार्ट नहीं, केवल खोट, वोट और नोटकी राजनीति में माहिर: अमित जोगी

बिलासपुर में जीयो मोबाइल बाँटने पहुँचे मुख्यमंत्री रमन सिंह को काला झंडा दिखाने जाते विधायक अमित जोगी, विधायक सियाराम कौशिक, धरमजीत सिंह, अनिल टाह, बृजेश साहू, संतोष कौशिक समेत सैकड़ों जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) कार्यकर्ता गिरफ़्तार 

बिलासपुर|  चुनाव पूर्व छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 51 लाख मोबाइल फ़ोन बांटने को मरवाही विधायक अमित जोगी ने रमन सरकार का सत्ता हाथ से जाने के डर का परिचायक बताया है। जोगी ने कहा कि जब कोई सरकार ‘बढ़ाने की जगह बाँटने’ के कार्य में लग जाये तो समझ लेना चाहिए कि जनता का सरकार पर से भरोसा उठ चुका है।

जोगी ने कहा कि इस बार के चुनाव में  ‘जियो लो, वोट दो’ के फार्मूले के सहारे सत्ता में  वापसी का सपना देख रहे मुख्यमँत्री को जनता सबक सिखाएगी। इस बार छत्तीसगढ़ में जोगी जी का फार्मूला ‘वोट दो, नौकरी लो’ काम करेगा। प्रदेश के 30 लाख बेरोजगार युवाओं को फ़ोन से ज्यादा नौकरी की आवश्यकता है । जोगी सरकार बनते ही स्थानीय युवाओं को सरकारी एवं गैर सरकारी पदों पर 90% आरक्षण मिलेगा एवं साथ ही  छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति में बदलाव कर नए प्लांट एवं नए निवेश लाये जाएंगे। जिओ कंपनी से फ़ोन खरीदने के बदले हुई डील पर सवाल करते हुए अमित जोगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने सैमसंग कम्पनी के फ़ोन खरीदने के बदले उन्हें उत्तर प्रदेश में निवेश करने को कहा। नतीजा यह हुआ कि सैमसंग ने अपनी विश्व की सबसे बड़ी यूनिट नोएडा में लगाई।  इसके ठीक विपरीत, मोबाइल बनाने की फ़ैक्टरी खोलने के बदले मुख्यमंत्री केवल बेरोज़गारी की फ़ैक्टरी चला रहे है जो पिछले १५ सालों में ३० लाख से झाड़ा बेरोज़गार पैदा कर चुकी है। हमारे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने 51 लाख जिओ फोन के बदले केवल अपनी कमिशमखोरी की परंपरा को आगे बढ़ाया। जोगी ने कहा कि जो लूटते हैं खज़ाना वही जनता की आँख में धूल झोंकने के लिए बुलाते हैं करीना और कंगना। इस पूरे सौदे पर जोगी ने सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की माँग करी। अमित जोगी ने आगे कहा कि जब प्रदेश के 55% क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टिविटी ही नहीं है- ₹1200 करोड़ ख़र्च करने के बाद भी 9000 टॉवर की जगह मात्र 2000 टॉवर ही अब तक लग पाए हैं- तो उन क्षेत्रों के लोग मोबाइल का उपयोग आख़िर कैसे करेंगे? अमित जोगी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री “कमीशन सिंह” ने टेंडर में बोली के आधार पर नहीं बल्कि अपने ड्रॉइंग रूम में बोली के आधार पर जीयो को ठेका दिया है। स्मार्ट फ़ोन बाँटने वाले स्मॉर्ट नहीं है, उनको केवल “खोट, वोट और नोट” की राजनीति करनी आती है।उक्त कर्यक्रम में मुख्य रूप से विधायक अमित जोगी, धर्मजीत सिंह, सिया राम कौशिक ,अनिल टाह, संतोष कौशिक,बृजेश साहू,ज्वाला प्रसाद चतुर्वेदी,संतोष  दुबे, विशम्भर गुलहेरे, मणिशंकर पांडेय,गोविंद सेठी, टिकेश प्रताप,सैयाद निहाल,समीर एहमद, बंटी खान, विक्रान्त तिवारी,जीतू ठाकुर, निलेश माड़ेवार,गजेंद्र श्रीवास्तव,आशु शर्मा, फारुख खान, केन्थ कॉलिन, राजेश सोनी,प्रदीप कुर्रे,विजय दुबे,राहुल पहुँचेल, पवन साहू,गोपाल यादव,मार्गरेट बेंजामिन,सुनीता यादव, पूनम यादव, कमल कश्यप,कुंती उइके, ललिता भरतद्वज, नितेश शर्मा, आसिफ खान, हितेश देवांगन,पिंटू जायसवाल,हितेश सिंहसत्येंद्र गुलेरी,  आकाश दुबे,करन मधुकर,आलोक ठाकरे,विकास सिंह, गौरव अग्रवाल, हर्ष सिंह,मनीष मिश्रा, दुर्गेश साहू, हितेश देवांगन, लोमस साहू, सानू कश्यप आदि सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

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