कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन का अपहरण करने वाले 2 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

०० सुकमा पुलिस ने रखा था दोनों नक्सलियों पर पांच-पांच लाख ईनाम की घोषणा

रायपुर।  कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन का अपहरण करने वाले 2 नक्सलियों ने आज राजधानी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है, सुकमा के इन दोनोंं नक्सलियों पर 5-5 लाख का इनाम था। कलेक्टर अपहरण मामले के अलावा ये हार्डकोर नक्सली अन्य कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक सुकमा के दो नक्सलियों रविन्द्र उर्फ सन्ना और उसकी पत्नी रीना ने राजधानी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया, ये दोनों कई बड़े हमलों में शामिल रहे हैं और पुलिस ने इन पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया हुआ था। बड़ी घटनाओं की बात करें तो ये दोनों नक्सली कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन के अपहरण, साल 2012 में एसटीएफ पर गोलीबारी, 2010 में पुलिस पार्टी पर हमले सहित कई घटनाओं में शामिल रहे थे। पति सन्ना जहां नक्सल फ्रंट टीम में शामिल रहता था वहीं पत्नी रीना हिड़मा के बटालियन में सक्रिय थी| आत्मसमर्पण के बाद इन दोनों ने बताया कि उन्हें सलवा जुडूम से डराया गया था तो वे नक्सली बन गए, उन्होंने क्रिस्टाराम में हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी। ये दोनों 2008 से 2018 तक सक्रिय रहे। उन्होंने कहा कि पहले बच्चे के जन्म के समय उन्होंने नक्सलवाद छोड़ने का मन बना लिया था। इसके बाद सरकार के कामकाज से प्रभावित होकर पक्का फैसला किया और सरेंडर किया। गौरतलब है कि 21 अप्रैल 2012 को पूरे देश की निगाहें उस समय छत्तीसगढ़ पर टिक गई थी जब नक्सलियों ने सुकमा के तत्कालीन कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन का अपहरण कर लिया था। उनकी रिहाई के एवज में नक्सलियों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी थीं। बाद में माओवादियों द्वारा नियुक्त दो वार्ताकार बीडी शर्मा और प्रो. हरगोपाल ताड़मेटला से अंदर जंगल से कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन को लेकर लौटे थे। बताया गया कि कलेक्टर की रिहाई के लिए सरकार और नक्सलियों के बीच समझौता हुआ।

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