रमन कैबिनेट में हुआ बड़ा फैसला, सहज बिजली बिल स्कीम, से मिली किसानों को बड़ी राहत

०० संविदा पर नियोजित महिला कर्मचारियों को भी शासकीय महिला कर्मचारियों की तरह 180 दिवस का मिलेगा प्रसूति अवकाश

०० सीधी भर्ती के तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति के लिए 10 प्रतिशत के सीमा बंधन को किया गया शिथिल

रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट में सहज बिजली बिल स्कीम की घोषणा की गई। इसके तहत मंत्रिपरिषद द्वारा किसानों को बड़ी राहत देने का पहल करते हुए कृषक जीवन ज्योति योजना के तहत प्रदेश के सभी किसानों के सभी पंपों को बिना किसी क्षमता एवं खपत की सीमा के फ्लैट रेट की सुविधा लागू करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय के अंतर्गत कृषक जीवन ज्योति योजना अंतर्गत राज्य के सभी किसानों के सभी पंपों पर बिलिंग के लिए फ्लैट रेट की सुविधा पंप की संख्या के अनुसार अलग-अलग प्रस्तावित की गयी है। 
इस निर्णय के लागू करने के उपरांत कृषक जीवन ज्योति योजना के अंतर्गत सहज बिजली बिल स्कीम के तहत किसानों को बिजली बिल की बकाया राशि के लिए जारी बिलों को किसानों के विकल्प के अनुसार फ्लैट रेट पर संशोधित किया जाकर भुगतान की सुविधा दी जाएगी। योजना के अंतर्गत विकल्प प्रस्तुत करने के लिए 31 मार्च 2019 की अवधि निर्धारित की गयी है। वहीं संविदा पर नियोजित महिला कर्मचारियों को भी शासकीय महिला कर्मचारियों की तरह 180 दिवस के प्रसूति अवकाश (संवैतनिक) की पात्रता होगी। यह अवकाश दो जीवित संतानों के उपरांत हुए प्रसव पर लागू नहीं होगा। इसके साथ ही यह अवकाश 180 दिवस अथवा संविदा नियुक्ति की अवधि समाप्ति तक, जो भी पहले हो, के लिए होगी। सीधी भर्ती के तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति के लिए 10 प्रतिशत के सीमा बंधन को एक बार के लिए डेढ़ माह तक की अवधि के लिए शिथिल किया जाएगा। जल संसाधन विभाग में उप अभियंताओं का सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नति के लिए सहायक अभियंता के 505 सांख्येत्तर पद की स्वीकृति प्रदान की गई। 
छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड का किया जाएगा गठन :-  नाई समाज के परम्परागत केश शिल्प के संरक्षण और उनके व्यवसाय के संवर्धन के लिए समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत “छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड” का गठन किया जाएगा। आज की जीवन शैली में केश शिल्प के विशेष महत्व को देखते हुए बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया है। बोर्ड में एक अध्यक्ष और केश शिल्प के क्षेत्र में कार्यरत सामाजिक समुदाय से दो सदस्य होंगे, जिनमें कम से कम एक महिला होगी। वित्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, श्रम, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभागों के प्रतिनिधि इसमें शामिल रहेंगे, जो उप सचिव स्तर से कम के नहीं होंगे। समाज कल्याण विभाग के अपर संचालक इस बोर्ड के सदस्य सचिव होंगे। बोर्ड द्वारा परम्परागत केश शिल्प में संलग्न समुदाय का समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए सुझाव दिए जाएंगे। केश शिल्प में संलग्न कामगारों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए नीति तैयार कर उसकी अनुशंसा शासन को दी जाएगी। 

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