अगर आपके पास हुनर है तो रोजगार स्वंय ही आपके पास आयेगा: केदार कश्यप

०० स्व-रोजगार मेले में पहुंचे मंत्री केदार कश्यप कहा, हुनर मंद के पास अपने आप पहुंचता है रोजगार

०० शिवलाल एवं आसमन को मिला ट्रेक्टर, पिकअप गाड़ी

०० जिला कलेक्टर ने युवाओं को दिए आत्मनिर्भर बनने के टिप्स

रायपुर/कोण्डागांव|  ‘‘अगर आपके पास हुनर है तो रोजगार स्वंय ही आपके पास आयेगा वर्तमान में युवाओं के समक्ष रोजगार के संकट का एकमात्र हल है कौषल विकास। जिसके तहत हर युवा अपनी रुचि अनुसार प्रषिक्षण प्राप्त करके एक कुषल व्यवसायी बन सकता है। वर्तमान में नौकरी के अवसर सीमित है ऐसे में कौषल विकास में निपूर्ण होना ही बुद्धिमानी है अतः हर ग्रामीण युवा स्वंय को हुनरमंद बनाये।‘‘

जिला अंत्यावसायी परिसर में आयोजित स्व-रोजगार मेले में मंत्री आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक विकास, स्कूल षिक्षा श्री केदार कष्यप द्वारा उक्त आषय के विचार प्रगट किए गए। इस मौके पर जिला कलेक्टर नीलकंठ टीकाम, अध्यक्ष नगर पंचायत आकाष मेहता, प्रबंधक बाबूभाई श्रीवास, आदिल खान सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रषिक्षणार्थी उपस्थित थे।मंत्री ने कहा कि अविभाजित मध्यप्रदेष में 1992 से प्रारंभ अंत्यावसायी कौषल विकास के माध्यम से पिछड़े क्षेत्रों के हजारों युवाओं ने स्वंय को आत्मनिर्भर बनाया है। इस प्रकार तकनीकी हुनर ज्ञान प्राप्त करना आज समय की मांग है। चूंकि विभिन्न कार्य क्षेत्रों में अथवा प्रत्येक योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी ज्ञान प्राप्त युवाओं की आवष्यकता है। उदाहरण स्वरुप गांव-गांव में बिजली पहुंचने से इलेक्ट्रिषियन की मांग, मोबाईल की सुविधा होने से मोबाईल रिपेयरिंग  मोटर गाड़ी हेतु ड्राईवरों की मांग प्रायः होगी ही। अतः युवा वर्ग समय के साथ चलते हुए स्वंय को विभिन्न कार्यो में दक्ष करे। इस मौके पर जिला अंत्यावसायी से प्रषिक्षित युवाओं द्वारा अपने द्वारा स्थापित किए गए रोजगार की जानकारी उपस्थित युवाओं को दिया गया। इनमें मालाकोट के रामजी मरकाम ने बताया कि जिला अंत्यावसायी से प्रषिक्षण प्राप्त करके पिकअप गाड़ी लिया है। जिसमें से उसे लगभग 35 हजार की आय हो रही है। इसी प्रकार ग्राम डोंगरीगुड़ा की सरिता सोरी ने बताया कि सिलाई में उन्होंने प्रषिक्षण प्राप्त किया है और सिलाई प्रषिक्षण द्वारा अन्य लड़कियों को भी प्रषिक्षित कर रही है। ग्राम गोलावण्ड के संतराम सोरी ने बताया कि संस्थान से लोन प्राप्त करके उन्होंने एक कम्प्युटर एवं फोटोकापी की दुकान से स्वंय को आत्मनिर्भर बनाया है। जिला कलेक्टर नीलकंठ टीकाम ने सभी प्रषिक्षार्थियों को शुभकामना देते हुए कहा कि आज हुनर जिसके हाथ में है रोजगार उसके पास है। जिले के युवाओं में सकारात्मक एवं सृजनात्मक सोच के साथ के साथ उनमें नैतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए कौषल विकास की शुरुवात की गई है और इसके बेहतर परिणाम निकले है। जिला प्रषासन द्वारा प्रत्येक गुरुवार को कैरियर मार्गदर्षन भी प्रारंभ किया गया है। इसके माध्यम से युवाओं को नीट, आईआईटी एवं अन्य प्रतियोगी परिक्षाओं एवं निजी व्यवसायों की जानकारी दी जा रही है। अतः इसका अधिक से अधिक लाभ लिया जाना चाहिए। कौषल विकास एक अत्यंत व्यापक क्षेत्र है अतः जिसमें जैसी क्षमता है उसमें पूरी लगन एवं मेहनत से कार्य करे तो वह अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। अतः युवा हुनर मंद बनकर न केवल अपने परिवार एवं जिले का नाम रौषन करे बल्कि पूरे राज्य में एक मिसाल बने। इस मौके पर प्रबंधक द्वारा बताया कि जिला अंत्यावसायी में पिछले पांच वर्षो में बैंक प्रवर्तित योजनाओं में अनुसूचित जनजाति वर्ग के अंतर्गत 371 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। जिसमें 2,02,60,000 लाख ऋण व 37,10,000 लाख अनुदान दिया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय निगम की योजनाओं में 73 हितग्राहियों को 2,03,00,000 लाख का ऋण, प्राधिकरण की योजनाओं में 160 हितग्राहियों को दो करोड़ पचास लाख का ऋण दिया गया। जिसमें 75 प्रतिषत अनुदान है। पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत 27 हितग्राहियों को 30 लाख का ऋण और अल्पसंख्य वर्ग के 2 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस प्रकार जिले में अब तक कुल 718 हितग्राही स्व-रोजगार के लाभान्वित हुए है। कार्यक्रम के दौरान ग्राम कांगा के कृषक आसमन कोर्राम को पिकअप वाहन तथा ग्राम माकड़ी के षिवलाल को ट्रेक्टर वाहन, श्रम विभाग द्वारा 11 महिला श्रमिकों को सायकल एवं 04 महिला को उज्जवला योजना के गैस सिलेण्डर प्रदाय किए गए। कार्यक्रम के समापन पर मंत्री केदार कष्यप् द्वारा नवीन विश्राम गृह के प्रागंण में नारियल के वृक्ष को रोपण किया गया।

 

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