मासूम के लिए प्राण घातक बनी 108 एंबुलेंस दो घंटे तक दरवाजा नहीं खुलने से हुई मासूम की मौत

 

(रायपुर) हालांकि देशभर में सरकार की तरफ से चलाई गई संजीवनी 108 एंबुलेंस को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है लेकिन रायपुर में इसका गेट नहीं खुलने से डेढ़ से दो माह के बच्चे की दम घुटने से मौत हो गई संजीवनी एक्सप्रेस से बच्चे को मेकाहारा अस्पताल लाया गया था मृतक बच्चे के पिता ने बताया कि कुंज की तबीयत खराब होने पर वे उसे लेकर ट्रेन के माध्यम से रायपुर स्टेशन पहुंचे थे इसके बाद उन्होंने संजीवनी को फोन कर रायपुर स्टेशन बुलाया फोन करने के बाद संजीवनी तो समय पर पहुंच गई और बच्चे को लेकर मेकाहारा भी आ गई लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद जब ड्राइवर ने संजीवनी एक्सप्रेस का दरवाजा खोलने की कोशिश की तो दरवाजा नहीं खुला कड़ी मशक्कत के बाद जब दरवाजा नहीं खुला तो अंत में ड्राइवर सीट के सामने वाले गेट से कांच हटाकर बच्चे को बाहर निकाला लेकिन तब तक बच्चे की दम घुटने से मौत हो चुकी थी लापरवाही से बच्चे की मौत के बाद अस्पताल परिसर में गहमा-गहमी का माहौल बन गया अस्पताल प्रबंधन और संजीवनी संचालक मामले में चुप्पी साधे हुए है हालांकि मामले में अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी जांच की बात कह रहे है कुंज के माता-पिता बिहार के रहने वाले बताए जा रहा है।

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