दूसरे की जमीन को स्वयं का बताकर फर्जी दस्तावेज से रजिस्ट्री कराकर महिला से साढ़े पांच लाख रूपये की ठगी

सागर सोनी (बिलासपुर) सरकंडा पुलिस ने आरोपी जमीन दलाल दीपक कश्यप समेत तीन लोगों के खिलाफ धारा 420 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार कटघोरा की रहने वाली अन्नपूर्णा साहू का मैयका जूना बिलासपुर में है कुछ साल पूर्व वह बिलासपुर आई थी इसी दौरान उसकी मुलाकत जमीन दलाल दीपक कश्यप निवासी मधबुन रोड दयालबंद से हुई उससे जमीन खरीदी बिक्री की चर्चा हुई जमीन दलाल कश्यप ने समीपस्त ग्राम मोपका में रोड किनारे 2200 वर्ग फिट (लगभग 5 डिसमिल जमीन) दिखाया और सौदा भी तय हो गया इसके बाद दीपक कश्यप ने रेखारानी मैती पति एस.एन.मैती निवासी पाल विडियो गली सामुदायिक भवन सुधीर सदन हेमुनगर के नाम 22 बिन्दु की जानकारी भी तैयार करवा कर दिखाया 20 मार्च 2013 को जमीन की रजिस्ट्री की गई इस दिन रजिस्ट्री ऑफिस में 230 प्रति वर्ग फिट के हिसाब से 5 लाख 6 हजार रूपये रेखारानी मैती, सुधीर घोष तथा दीपक कश्यप को एक मुश्त भुगतान किया गया सुधीर घोष रेखा मैती का दामाद है आरोपी है कि तीनों ने मिल कर षडयंत्र पूर्वक फर्जी जमीन की रजिस्ट्री कराया इसके बाद जमीन दलाल दीपक कश्यप ने प्लाट का डायवर्सन करवाने के नाम पर 13 हजार रूपये तथा नामांतरण के नाम पर रकम वसूला आरोप है कि जमीन दलाल दीपक कश्यप, रेखारानी मैती तथा सुधीर घोष ने ठगी एवं छल करने के उददेश्य से स्टाम्प पेपर में (प्लाट) की चैहदी में किसी का नाम नही दर्शाया रजिस्ट्री होने के बाद अन्नपूर्णा साहू जमीन में कब्जा करने मौके पर पहुंची तब उस जमीन पर एक अन्य व्यक्ति मिश्रा द्वारा अपना अधिकार बताते हुए जमीन के रजिस्ट्री पेपर तथा ऋण पुस्तिका दिखाया गया पीडिता महिला ने इसकी जानकारी दीपक कश्यप, सुधीर घोष, रेखा मैती को दी तो उन्होंने कहा कि गलती से उक्त जमीन दिखा दिया गया था उन्होंने अन्नपूर्णा साहू को मोपका में ही दूसरी जमीन को पुनः दिखाया और 6 मार्च 2014 को जमीन का कब्जा प्रमाण पत्र तैयार करके भी दिया अन्नपूर्णा साहू जब दूसरी जमीन पर कब्जा करने गई और जमीन के चारों ओर 3 फिट दीवार बनवा रही थी इसी दौरान एक अन्य व्यक्ति शैलेष मिश्रा आकर यह कहते हुए जमीन पर कब्जा करने से रोक दिया कि यह उनकी जमीन नहीं है इस बात की जानकारी दीपक, रेखा तथा सुधीर को पुनः दी गई इसके बाद इन तीनों लोगों ने तीसरी जगह जमीन दिखाई तथा फिर से 12 मार्च 2016 को दूसरा कब्जा प्रमाण पत्र दिये जब फिर से उक्त जमीन पर कब्जा करने गई तो उस जमीन का मालिक बबलु सोनी का होना पाया गया इसके बाद 6 मार्च 2014 को प्राप्त कब्जा प्रमाण पत्र के आधार पर जमीन का सीमांकन करवाया सीमांकन में आर.आई. एवं पटवारी ने बताया कि कब्जा की गई जमीन का खसरा नंबर 894 है जबकि रजिस्ट्री खसरा नंबर 893/20 है इसकी जानकारी दीपक कश्यप, रेखा मैती और सुधीर घोष को देने पर तीनों ने कहा कि हम कुछ नहीं जनाते है जो करना हैं कर लो इस तरह दीपक कश्यप, रेखा मैती और सुधीर घोष के द्वारा सुनियोजित ढंग से दूसरे की जमीन को दिखाकर फर्जी रजिस्ट्री किया गया फर्जी तरीके से 22 बिंदु की जानकारी एवं कब्जा प्रमाण पत्र एवं डायवर्सन प्रमाण पत्र तैयार करके धोखाधडी करते हुये करीब साढे पांच लाख रूपये की ठगी कि गई।

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