जेम पोर्टल की कार्यशैली पर लगा प्रश्नचिन्ह “डिजिटल टीचिंग डिवाइस” की निविदा में घोटाला करने का आरोप

०० जेम पोर्टल में पंजीकृत 39 डीलरों की दरों को दरकिनार कर 4 गुना अधिक दरों पर लगभग 2 करोड़ रुपये राशि के डिजिटल टीचिंग डिवाइस की खरीदी करने की तैयारी 

रायपुर| शिक्षा विभाग द्वारा बिलासपुर जिले में 50 स्मार्ट क्लास बनाये जाने हेतु खरीदी किये जाने वाले उपकरण “डिजिटल टीचिंग डिवाइस” की निविदा में किये जाने वाले घोटाले की शिकायत जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री सहित मुख्यमंत्री एवं शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को करते हुए तत्काल कार्यवाही की मांग की|जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़-जे के प्रवक्ता नितिन भंसाली ने बिलासपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जिले में 50 स्मार्ट क्लास के निर्माण हेतु खरीदे जाने वाले लगभग 2 करोड़ रुपये राशि के उपकरण “डिजिटल टीचिंग डिवाइस” की जेम पोर्टल द्वारा जारी निविदा में अधिकारियों द्वारा व्यक्ति विशेष कंपनी को फायदा पोहचाने उद्देश्य से कमीशनखोरी एवं मिलीभगत कर जेम में पंजीकृत 39 कंपनियों को निविदा की मनमानी पूर्वक शर्तों की वजह से निविदा में भाग लेने से वंचित करते हुए लगभग 4 गुना अधिक दरों पर उपकरण खरीदी किये जाने की शिकायत दस्तावेजो सहित प्रधानमंत्री, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री ओर शासन के आला अधिकारियों से करते हुए तत्काल निविदा निरस्त कर इस महा घोटाले में शामिल दोषी अधिकारियों और व्यपारियो पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है|

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़-जे के प्रवक्ता नितिन भंसाली ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर द्वारा जिले में 50 स्मार्ट क्लास के निर्माण हेतु खरीदे जाने वाले उपकरण “डिजिटल टीचिंग डिवाइस” की जेम पोर्टल के माध्यम से जारी निविदा में विभाग ने निविदा की शर्तों में ही उनकी मनपसंद कंपनी “सायबर नेटिक्स डिजिटल क्लास रूम” का नाम ओर मोडल नम्बर का खुले तौर पर स्पष्ट उल्लेख कर दिया गया है जो कि निविदा के नियमो के खिलाफ है और यह साफ साफ मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है, कम्पनी का नाम और इसी कम्पनी के उपकरण के मॉडल नम्बर का निविदा के उल्लेख किये जाने से जेम में अन्य 39 पंजीकृत कम्पनियां निविदा में भाग लेने से स्वमेव वंचित हो गई है| नितिन भंसाली ने बताया कि जेम पोर्टल में डिजिटल टीचिंग डिवाइस उपकरण की अन्य कंपनियों की दरें 90 हजार से लेकर 2 लाख 50 हज़ार राशि तक कि दर्ज है लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा मिलीभगत कर सायबर नेटिक्स डिजिटल क्लास रूम नामक कम्पनी से यह उपकरण 4 गुना अधिक दरों 3 लाख 99 हज़ार रुपये में खरीदने की तैयारी की जा रह है जिसमे अधिकारियों द्वारा उच्च स्तरीय संरक्षण में करोडो रुपयों के कमीशनखोरी की जा रही है. नितिन भंसाली ने बताया कि विभाग मिलीभगत कर जिस कम्पनी से उपकरण खरीदने की तैयारी कर रही है उसका शासकीय कार्यो के कोई भी कार्य अनुभव भी नही है| नितिन भंसाली ने बताया कि पूर्व में इन्ही नियमो ओर शर्तो के साथ डिजिटल टीचिंग डिवाइस उपकरण की खरीदी किये जाने की निविदा बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी की गई थी जिसमे जेम पोर्टल में पंजीकृत अन्य कम्पनियों ने आपत्ति दर्ज की थी जिस पर विभाग ने आनन फानन में निविदा निरस्त कर पुनः उसी दिन वापस इन्ही नियमो के साथ उनकी मनपसंद कंपनी सायबर नेटिक्स डिजिटल को काम मिल सके के उदेश्य से कोई भी बदलाव न करते हुए निविदा जारी कर दी| नितिन भंसाली ने बताया कि उन्होंने 9 बिंदुओं में दस्तावेजो सहित इस पूरे महाघोटाले की शिकायत प्रधानमंत्री, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री ओर आला वरिष्ठ अधिकारियों से करते हुए निविदा निरस्त कर घोटाले में लिप्त दोषी अधिकारियों और सम्बंधित कंपनी पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है, नितिन भंसाली ने इस महाघोटाले पर जेम पोर्टल की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया है क्योंकि जेम पॉर्टल के माध्यम से खरीदी किये जाने का कार्य भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने भरस्टाचार पर अंकुश लगाने के माध्यम से किया था जिसमे इतने बड़े महा घोटालो को अंजाम दिया जा रहा है|

 

error: Content is protected !!