छत्तीसगढ़ पुलिस केन्द्रीय कल्याण समिति एवं संयुक्त परामर्षदात्री परिषद् की बैठक संपन्न

रायपुर| पुलिस महानिदेशक ए.एन.उपाध्याय की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय नया रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस केन्द्रीय कल्याण समिति एवं संयुक्त परामर्षदात्री परिषद् की बैठक संपन्न हुई। बैठक में श्री संजय पिल्ले अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशासन/छसबल, श्री आर.के.विज अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक योजना एवं प्रबंध, श्री अशोक जुनेजा अतिरिक्त पुलिस महानिदेाक गुप्तवार्ता पुलिस महानिरीक्षकगण दुर्ग, सरगुजा, बस्तर रेंज सहित पुलिस अधीक्षकगण सरगुजा, बेमेतरा, मुंगेली एवं पुलिस अधीक्षक रेल उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय की विभिन्न ईकाइयॉं,  27 जिले, 18 बटालियनों, एसटीएफ, रेडियो सहित 65 ईकाइयों के 200 से अधिक प्रतिनिधि अधिकारी/कर्मचारी बैठक में सम्मिलित हुए।
बैठक में जिला ईकाई स्तरीय परामर्शदात्री समति के एवं रेंज स्तरीय समिति के प्राप्त सुझावों पर चर्चा करते हुए आज की बैठक में उपस्थित अधिकारियों से भी सुझाव प्राप्त किये गये। इन समस्त सुझावों पर चर्चा एवं विचार-विमर्श पश्चात् पुलिस विभाग की अशासकीय निधि से संबंधित अनेक प्रस्ताव पर महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।

पुलिस कल्याण निधिः- इसके अंतर्गत पूर्व में प्रावधानित पुलिस अधीक्षक की स्वीकृति की वित्तीय सीमा 30 हजार से बढ़ाकर 01 लाख, पुलिस महानिरीक्षक की 50 हजार से बढ़ाकर 03 लाख और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक की 75 हजार से बढ़ाकर 05 लाख रूपये किया गया।
संकट निधिः-गंभीर बीमारी एवं आकस्मिक आपदा के समय दी जाने वाली संकट निधि से दी जाने वाली सहायता राशि होती है, जिसे  40 हजार से बढ़ाकर 01 लाख रूपये कर दिया गया है।
परोपकार निधिः-दिवंगत या शहीद पुलिस अधकारी/कर्मचारी के आश्रितों को दी जाने वाली सहायता राशि क्रमशः 50 हजार रूपये से बढ़ाकर 01 लाख रूपये एवं शहीद प्रकरणों में 01 लाख से बढ़ाकर 02 लाख रूपये कर दी गई है। सहायक आरक्षकों को भी परोपकार निधि के दायरे में लाये जाने के प्रस्ताव को मान्य किया गया है। इसी प्रकार शहीद सम्मान निधि की राशि जो शहीद पुलिस अधिकारी/कर्मचारी के परिवार को दी जाती है, उसे 04 से बढ़ाकर 05 लाख रूपये कर दिया गया है।  
 एमिनिटी फंडः- के माध्यम से पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों के परिवारजनों को खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन का प्रावधान रहता है, इसे मॉंग के अनुसार न दी जाकर पुलिस की ईकाइयों को दो हिस्सों में विभाजित कर बड़ी ईकाई को 05 लाख रूपये एवं छोटी ईकाई को 03 लाख रूपये प्रति वर्ष स्वीकृत किया गया ताकि ईकाई स्तर पर उपलब्ध राशि से यह कार्य आवश्यकतानुसार किया जा सके।
शिक्षा निधिः- इसमें महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्राप्त होने वाली 01 बच्चे के लिए अनुदान को दो बच्चों के लिए दिये जाने का निर्णय किया गया। इसके साथ ही अलग-अलग कक्षाओं/कोर्सेस के लिए पूर्व में अनुदान मात्र एक बच्चे के लिए ही न्यूनतम 800 रूपये से 15 हजार रूपये प्राप्त होते थे, जिसे बढ़ाकर दो बच्चों के लिए 3-3 हजार रूपये से 30-30 हजार रूपये किया गया है। इस प्रकार दो बच्चों को विभिन्न कोर्सेस के लिए एक वर्ष में बढ़ा हुआ अनुदान 60 हजार रूपये प्राप्त होगा।इसी प्रकार पुलिस सिलाई केन्द्रों में पुलिस परिवार के सदस्यों द्वारा की जाने वाली सिलाई कार्य के लिए मानदेय बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया गया है।अशासकीय निधि पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों के सहयोग से संचालित की जाती है। विभिन्न निधियों में पूर्व निर्धारित सहयोग राशि की दर को कम करते हुए अब आरक्षक स्तर तक 700 रूपये के स्थान पर 50 रूपये सहयोग राशि लिये जाने का निर्णय की पुष्टि भी इस बैठक में की गई। पुलिस महानिदेशक ने अपने उद्बोधन में विभिन्न पुलिस ईकाइयों के प्रस्ताव को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों की सुविधा के लिए बिलासपुर और दुर्ग में पुलिस विभाग की भूमि पर कल्याण निधि से सामुदायिक भवन/मनोरंजन केन्द्र निर्माण किये जाने की घोषणा की, जिसको धीरे-धीरे अन्य रेंज मुख्यालयों पर तथा जिला मुख्यालयों पर विस्तारित किया जायेगा।

 

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