एक ही जमीन को दो बार बेंचा गया – अधिकारी कर्मचारी की मिली भगत का मामला

(बैकुण्ठपुर-कोरिया) जिला जमीन की खरिदी बिक्री के मामले मे पुरे राज्य मे दलाली के नाम से प्रसिद्ध हो चुका है यहां के अधिकारी, कार्मचारी या भू माफियाओ के द्वारा जमीन की हेरा फेरी की जाती है कोई धोखाधड़ी करता है तो कोई अपनें पावर ,पहुँच का इस्तेमाल करता है।
ऐसा ही एक मामला चरचा से सामनें आया है जिसमें
एक जमीन विक्रेता ने अपनी एक जमीन बेचने के 4 साल बाद बहुत ही शातिर तरीके से पटवारी से मिलीभगत कर फिर से उसी जमीन को दूसरे को बेच दिया। अब मामला खुलने पर वह दूसरी जमीन देने की बात कह रहा है। वही पटवारी इसे फर्जीवाड़ा ना बताकर मानवीय त्रुटि बता रहा है। दरअसल पूरा मामला कोरिया जिले के ग्राम सरडी क्षेत्र का है। जहां खरवत निवासी फुरसत राजवाडे पिता हीरा सिंह की जमीन खसरा क्रमांक 0.724 व रकबा 0.007 हेक्टेयर को वर्ष 2013 में चरचा निवासी सतीश कुमार सिंह पिता कैलाश सिंह को 29.06.13 को 97 हजार रुपए में विक्रय कर दिया था लेकिन उसी जमीन को फुरसत राजवाड़े ने 17.03. 2017 में चरचा कालरी के ही मनोरमा देवी पति राजेश बर्मन 3 लाख 50 हजार रुपए में पुनः बेच दिया। हैरानी की बात यह है कि पटवारी को सारी जानकारी होने के बाद भी वही खसरा व रकबा नंबर देखने के बाद भी री नम्बरिंग कर दी व फौती काट दिया रजिस्ट्री कराने के बाद मनोरमा देवी को पता चला कि उक्त भूमि पर सतीश सिंह का कब्जा है इस प्रकार उसे अपने ठगे जाने का एहसास हुआ इसके बाद उन्होंने फुर्सत राजवाड़े से अपनी रकम वापस करने को कहा जिस पर उसने श्रीमती मनोरमा देवी को दूसरी जमीन देने का आश्वासन दिया। लेकिन आज लगभग साल भर होने के बाद भी फुर्सत राजवाड़े ने मनोरमा देवी को ना तो पैसे वापस किए ना ही कोई दूसरी जमीन दी।

वही इस संबंध में जब मनोरमा देवी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे अब जमीन नहीं चाहिए केवल मेरे पैसे मुझे वापस मिल जाए इन सबके बीच में पटवारी की शातिराना भूमिका शक के घेरे में है जो आजकल कंप्यूटराइज्ड रिकॉर्ड होने के बावजूद इतना बड़ा फर्जीवाड़ा करने का दम रखते हैं।

इस संबंध में जब हमने पटवारी वाल्मीकि मिश्रा से बात की तो उन्होंने कहा कि जब 2013 में जमीन बिकी थी उस समय राधा शरण व्यास पटवारी थे उस के बाद मैं पटवारी बना लेकिन नामांतरण ना होने की वजह से मुझसे इतनी बड़ी गलती हो गई लेकिन विक्रेता फुर्सत क्रेता मनोरमा देवी का इस जमीन के बदले दूसरी जमीन देने को तैयार है पटवारी ने यह भी बताया कि फुर्सत राजवाडे यह भूल गया था कि उसने कौन सी जमीन सतीश सिंह को बेची थी इसलिए गलती से उसी जमीन की फिर से रजिस्ट्री हो गयी इस तरह की दलील जाहिर है किसी के गले नहीं उतरेगी।

इस संबंध में शिवपुर चरचा नगरपालिका की वार्ड क्रमांक 01 की पार्षद बेगमती ने कलेक्टर कोरिया को 5 जून 2018 को जनदर्शन में शिकायत करते हुए दोषी विक्रेता और फर्जीवाड़ा करने वाले पटवारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई।

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