विकासयात्रा और मोबाईल बांटने के खर्चे की वसूली पंचायतों के मूलभत राशि से

पंचायतों के विकास के लिए दी जाने वाली राशि में सरकार ने कर दी भारी कटौती

विशेष संवाददाता (सूरजपुर – प्रतापपुर) मूलभूत की राशि होती तो पंचायतों में विकास कार्य के लिए है लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार इस राशि से विकास यात्रा का खर्च निकाल रही है,सूत्रों की मानें तो सरकार मोबाईल भी मूलभूत की राशि से बांट रही है। उपरोक्त खर्चे निकालने के लिए सरकार ने पंचायतों को दी जाने वाली मूलभूत की राशि में भारी कटौती कर दी है पहले जिस पंचायत को पचास हजार रुपये मिलते थे अब उसे पांच हजार रुपये मिल रहे हैं और यह स्थिति पिछले दो किश्तों से सामने आ रही है। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा पंचायतों को मूलभूत की राशि दी जाति है जो पंचायतों को विभिन्न विकास कार्यों और जरूरत के हिसाब से खर्च करनी होती है यह राशि वर्ष में प्रायः तीन बार और जनसंख्या के आधार पर अबाँटित होती है जो कई पंचायतों में एक किश्त में एक लाख रुपये से भी ज्यादा की होती है मिली जानकारी के अनुसार बजट वर्ष में पहली किश्त अप्रैल दूसरी किश्त जुलाई और तीसरी किश्त जनवरी में मिलती है जिन पैसों से पंचायत में नाली निर्माण,मुर्रम,स्कूलों की मरम्मत,पेयजल व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण कार्य किये जाते हैं और इन्हीं कार्यों को देख जरूरत के महीनों में मूलभूत का आबंटन होता है बताया जा रहा है कि पिछले दो किश्तों से छत्तीसगढ़ सरकार ने मूलभूत की राशि में भारी कटौती कर दी है और जो पंचायतों को राशि दी गई है वह मूल राशि का दस प्रतिशत भी नहीं है और जहां एक पंचायत को एक लाख रुपये मिलते थे वहां उन्हें दो हजार और पांच हजार रुपये तक मीले है हम प्रतापपुर ब्लॉक की बात करें तो एक किश्त जनपद कार्यालय को अप्रैल में मिली थी जिसमें पूरे ब्लॉक के लिए करीब साढ़े तीन लाख रुपये मीले थे इन साढ़े तीन लाख को प्रतापपुर के करीब अस्सी पंचायतों में बांटे गए तो औसतन चार हजार रुपये प्रति पंचायत होते है यह किश्त पिछले वजट वर्ष की जनवरी की बकाया राशि बताई जा रही है इस बजट वर्ष में जनपद कार्यालय को मई में करीब 17 लाख रुपये मिले थे जिन्हें पंचायतों के खातों में जून में ट्रांसफर किया गया जबकि पहले यह राशि पूरे ब्लॉक के लिए एक करोड़ रुपये तक होती थी सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार से दी जाने वाली इस राशि की भारी भरकम कटौती सरकार ने पहले विकास यात्रा में हुये भारी भरकम खर्च की भरपाई के लिए की थी मतलब पंचायतों के मूलभूत की राशि से सरकार ने विकासयात्रा का खर्च निकाला है इतना ही नहीं सूत्रों के अनुसार प्रदेश सरकार लाखों की संख्या में जो मोबाईल बांट वाह वाही लूटना चाह रही है वह भी पंचायतों के मूलभूत की राशि में कटौती कर बांटे जा रहे हैं अर्थात मोबाईल किसी अन्य योजना से नहीं वरन मूलभूत की राशि से खरीदे जा रहे है पंचायतों में मूलभूत की राशि इतनी कम मिलने को लेकर आक्रोश तो है उन्हें इस बात का भी आभास है कि उनके पंचायतों के विकास कार्य का पैसा सरकार जरूर कहीं खर्च कर रही है जिस तरह चौदहवां वित्त आयोग के पैसों के साथ करने की मंशा थी लेकिन वे कम राशि मिलने की बात का विरोद्ध नहीं कर पा रहे हैं और नहीं अधिकारियों से पूछ पा रहे है बरहाल सूत्रों के अनुसार पंचायतों के विकास की राशि छत्तीसगढ़ सरकार नियमों को ताक में रख अपने फायदे के लिए खर्च कर रही है जो पंचायतों के अधिकार का हनन है सूत्रों के अनुसार पूरे प्रदेश के पंचायतों के साथ यही स्थिति है।

पंचायतों के लिए मूलभूत राशि बहुत महत्वपूर्ण है मुझे भी ऐसी जानकारी मिली है कि भाजपा सरकार पंचायतों की राशि का प्रयोग गलत तरीके से अपने फायदे और प्रचार प्रसार के लिए खर्च कर रही है मैं अपनी पार्टी से हाई लेबल पर बात करूंगा और पंचायतों के अधिकारों के हनन के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।

डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह
नेता जोगी कांग्रेस

भाजपा सरकार में लोकतंत्र का हनन हो रहा है पंचायतों के अधिकारों के साथ भी इस सरकार में खिलवाड़ किया जा रहा है मूलभूत की राशि पंचायतों का अधिकार है जो वहां के विकास के लिए है लेकिन भाजपा सरकार सभी विकास की राशि चौदहवां वित्त आयोग मूलभूत सहित अन्य मदों का दुरुपयोग केवल अपने फायदे के लिए कर रही है पैसा पंचायतों का है भाजपा अपना प्रचार इन पैसों से कर रही है जो किसी भी कीमत पर उचित नहीं है।

डॉ. प्रेमसाय सिंह
पूर्व मंत्री,कांग्रेस

हमें मूलभूत की राशि कम मिल रही है भाजपा की सरकार द्वारा पहले भी चौदहवां वित्त आयोग की राशि का अपने फायदे के लिए खर्च का प्रयास किया गया था जिसका हमने विरोद्ध किया था।मूलभूत की राशि का भी उनके दुरुपयोग किया जा रहा है जो पता चल रहा है मैं प्रदेश के अन्य सरपंचों से बात कर विरोध की रणनीति तैयार करूँगा हम अपने अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे।

त्रिभुवन सिंह
जिला सरपंच संघ अध्यक्ष प्रतापपुर

मूलभूत की राशि कम मिलना और पंचायतों को न देकर अन्यत्र खर्च करना आमआदमी के मूलभूत अधिकार का हनन है पंचायतों के साथ आम आदमी के विकास को रोकने वाला कदम है कहीं न कहीं सरकार इसमें कमीशनखोरी कर भ्र्ष्टाचार करना चाहती है अगर यह निर्णय सरकार शीघ्र वापस नहीं लेती है तो हम इसे लेकर उग्र आनफॉलन करेंगे।

जगतलाल आयाम
जनपद सदस्य (प्रतापपुर)

error: Content is protected !!