एडीबी सडक निर्माण को लगा ग्रहण, दो साल बीत गए फिर भी सडक अधूरा

०० पिछले कई महिनों से भुगतान नही मिलने से मजदूरों ने दिया कार्यालय में धरना 

करगीरोड कोटा। सरकार ने पूरे प्रदेश में जनता की सुविधाओ को देखते हुए आवागमन के लिए सडकों को दुरूस्त करने नई सडक बनाने करोडों रूपये की लागत से सडक का निर्माण करा रही है जिसका टेंडर के माध्यम से निर्माण कराया जा रहा है जो निश्चित समय अवधि में बनकर तैयार हो और जनता को इसका लाभ मिल सके जिसके लिए  बिलासपुर जिले में रतनपुर से कोटा लोरमी मार्ग का 106 करोड की लागत से 50 किलोमीटर की सडक का टेंडर निकाला जिसे बिलासपुर की जिंदल पी आर एल इंफ्रास्ट्रक्चर ने लिया था दो साल बीत जाने के बाद भी आज तक सडक अधूरी है 

करोडों की भारी लागत से  एशियन डेवलपमेंट बैंक एडीबी द्वारा जिंदल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के माध्यम से सडक का निर्माण हो रहा है जो कि गुणवत्ता विहिन निर्माण को लेकर शुरू से ही सुर्खियो में रही सडक का निर्माण धीमी गति से चल रहा है एडीबी विभाग और ठेकेदार की लापरवाही से जनता  परेशान हो रही है निर्माणाधिन सडक को जैसे ग्रहण लग गया हो कछुआ की चाल से इसका निर्माण चल रहा है निर्माण में कोई तेजी नही है ठेकेदार अपने अनुसार कार्य कर रहा है कही भी खोद देते है और कार्य शुरू कर देते है लगता है बिना प्लानिंग के कार्य किया जा रहा है टेक्निकल पाइंट की अगर बात कि जाए तो सडक का निर्माण उससे कोंसो दूर है फिल्ड में अधिकारीयो की गैरमौजूदगी का असर दिखाई पड रहा है| एडीबी विभाग के अधिकारीयो की अनदेखी के चलते कार्य प्रभावित हो गया है अप्रैल 2018 में इस सडक का निर्माण पूरा होने की अवधि विभाग ने तय की थी दो साल के अनुबंध में करार हुआ था जो आज तक अधर में लटका हुआ है इसका मुख्य कारण गुणवत्ता विहीन निर्माण भी है जिसे रायपुर के वरिष्ट अधिकारी ने अपने दौरे के समय काफी अनिमितत पाई थी बाद में जूनाशहर के पास के कई आरसीसी पेनल उखडवा दिये थे एवं निम्न स्तर से ढलाई हुई पुलिया को भी डिस्मेंटल करा दिया था उसके बाद भी आज तक सडक निर्माण में लगातार अनिमितता जारी है वहीं एडीबी के अधिकारी की भूमिका भी संदेहास्पद है 

मजदूरों नें एडीबी ठेकेदार के आफिस में दिया धरना : – एडीबी ठेकेदार की मुश्किले कम नहीं हो रही है घटिया निर्माण के चलते काफी चर्चा में रहा है अब उसके अंडर में काम कर रहे मजदूर भी विरोध में नजर आ रहे है | पिछले कई महिनों से पेमेंट नही मिलने के कारण गुरूवार को दर्जनों मजदूर ने कोटा रमन विहार स्थित आफिस में धरना दे दिया बाद में वहां के सुपरवाईजर मनोज अग्रवाल ने दबाव बढता देख कुछ भुगतान करने की बात कही वहीं पर अपनी मेहनत के हक के लिए बोलने वाले मजदूर अजित को मनोज अग्रवाल का विरोध झेलना पडा उसे अंत में खाली हाथ लौटाया गया और मिडिया के सामने अपने पैसे दिलवाने की गुहार लगानी पडी इससे समझा जा सकता है कि एडीबी ठेकेदार की क्या स्थिति है किस तरह से निर्माण कार्य को मजाक बना रखा है। 

 

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