प्रशासन के चुप्पी के चलते एस टी एस सी वर्ग मे है नाराजगी

के नागे (बालोद) अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों में बढ़ रही है नाराजगी जिले में जिस तरह से एस टी, एस सी के लोगो ने बताया कि जिला प्रशासन के चुप्पी के चलते ही कुछ लोगो के हौसले बुलंद है प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरूर क्षेत्र के ग्राम अरकार निवासी कामता राम सतनामी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि मेरी माँ नर्मदा बाई सतनामी और उनके भाई लोकेश कुमार अपने पूरे परिवार के साथ विगत कई वर्षों से घर बनाकर रह रहे थे जिसे पूर्व सरपंच द्वारा अवैध घोषित कर शिकायत की थी जिसके बाद मामला तहसील दंडाधिकारी के समक्ष चला गया जिस पर माननीय न्यायालय ने जुर्माना वसूली करने का आदेश दिया था नियमों के अनुसार बरसात पूर्व तोड़कर घर से बे घर कर दिया गया भरे बरसात के मौसम में बिना किसी पूर्व सूचना के तोड़ना किसी साजिस से कम नहीं है जिसकी शिकायत जिला प्रशासन से किया गया है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिसके चलते अपने परिवार रिश्तेदार के घर में सरण लेकर गुजारा करने मजबूर है वहीं दूसरी ओर न्याय की आस में दफ्तरों के चक्कर लगाने में मजबूर हैं ग्राम पंचायत अरमरीकला के पूर्व सरपंच अग्रहिज नागवंशी ने बताया कि ग्राम पंचायत अरमारीकला में आरक्षित सीट से चुनाव लड़ कर सरपंच पद पर कार्यरत रहे वही दूसरी ओर कुछ लोग मुझ पर आरोप लगाते हुए सड़यंत्र पूर्वक झूठ बोल कर फर्जी शिकायत दर्ज कराया था जो कि बिना किसी आधार का था क्या मेरे द्वारा ईमानदारी से काम करना विरोधियों को रास नहीं आया या फिर जाति समीकरण के चलते मुझे व मेरे परिवार के सदस्यों को कभी भी फंसाने की कोशिश की जा सकती है मेरे द्वारा शिकायत दर्ज कराया था लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के सुस्त रवैये के कारण जांच अधर में लटक गई है आखिर कब तक पिसते रहेंगे कब मिलेगा न्याय बहरहाल न्याय की आस लिए अधिकारीयो के बीच चक्कर लगाने विवस है।

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