मोदी की जुमलेबाजी फिर से रमन सिंह के जवाब से हुई उजागर : कांग्रेस

०० 30 अप्रैल को देश के शत प्रतिशत गांवों के विद्युतीकरण का मोदी का दावा रमन ने विधानसभा के पटल पर बजट सत्र और वर्षाकालीन सत्र में अपने उत्तर से झुठलाया

रायपुर। सातवें क्रमांक के प्रश्न में कांग्रेस विधायक दीपक बैज के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने चित्रकोट विधानसभा के 38 गांवों के विद्युतीकृत होने और 18 गांवों के विद्युतीकरण का काम प्रगति पर होने और 20 गांवों के विद्युतीकरण का कार्य आरंभ तक नहीं होने की बात स्वीकार की। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि बजट सत्र के बाद वर्षाकालीन सत्र में भी रमन सिंह सरकार के उत्तर से प्रधानमंत्री मोदी के 30 अप्रैल 2018 के ट्वीट का झूठ फिर से उजागर हुआ है।

बजट सत्र के बाद वर्षाकालीन सत्र में भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के प्रश्न के उत्तर में मोदी के दावों को झुठलाने वाली रमन सिंह सरकार द्वारा दी गयी जानकारी भी संलग्न है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 अप्रैल 2018 को ट्वीट करके दावा किया था कि ‘‘पूरा किया गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने का वादा।’’ बड़े-बड़े विज्ञापन अरबो, करोड़ो का खर्च करके जारी किये गये। विज्ञापन में ही नीचे छोटी सी लाईन में लिखा था कि ‘‘राज्यों द्वारा चिन्हित सभी गांवों का विद्युतीकरण आज के दैनिक समाचार पत्रों में प्रधानमंत्री ने देश के सभी गांवों तक बिजली पहुंचाने का दावा किया है।’’ यह दावा गलत था। अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश में हर गांव में बिजली पहुंचा दी है क्या? इसमें तो छत्तीसगढ़ में 13 फरवरी 2018 को मणिपुर के लिजिंग गांव को उन्होने अंतिम गांव के रूप में रेखांकित किया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में पाटन के विधायक और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के एक सावल के जवाब में मुख्यमंत्री रमन सिंह जो कि ऊर्जा मंत्री है, उन्होने कहा था कि छत्तीसगढ़ में 122 गांव और 6191 बसाहटों तक बिजली पहुंचना शेष है।कांग्रेस ने पूछा था कि इन 122 गांव और 6191 बसाहटों की जानकारी मुख्यमंत्री रमन सिंह ने ऊर्जा मंत्री के रूप में प्रधानमंत्री को दी थी या नहीं दी थी और ये 122 गांव 6191 बसाहटें इस सूची में शामिल है या नहीं है? ये केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की रमन सरकार में बहुत बड़े आपसी मतभेद की स्थिति है। कांग्रेस चाहती है कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ के संदर्भ में इस मामले को क्लियर किया जाये? प्रधानमंत्री के दावे के परिपेक्ष्य में मुख्यमंत्री रमन सिंह से कांग्रेस का सवाल है कि क्या ये 122 गांव और 6 हजार 191 बसाहटो तक बिजली पहुंच गयी है, जैसा कि दावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने ट्वीट में और केन्द्र सरकार के विज्ञापनों में किया है? हालांकि इस आशय में विज्ञापनों में ऊपर तो लिखा है कि ‘‘पूरा किया गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने का वादा।’’ 

छत्तीसगढ़ के 122 गांवों और 6191 बसाहटों को रमन सरकार ने चिंहित किया या नहीं? 

छत्तीसगढ़ के कितने गांवों को चिंहित किया है? 

छत्तीसगढ़ के इन 122 गांवों और 6191 बसाहटों को चिंहित नहीं किया तो क्यों नहीं किया? किया था तो इनका विद्युतीकरण हो गया क्या? 

अगर पहुंच गयी है तो डॉ. रमन सिंह राज्य की जनता को इन गांवों और बसाहटों की सूची जारी करें, और अगर नहीं पहुंची है तो ये स्पष्ट किया जाये कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गलत बोल रहे है या मुख्यमंत्री रमन सिंह ने गलत कहा है?

प्रधानमंत्री मोदी ने अब घर-घर तक बिजली पहुंचाने का है इरादा व्यक्त की थी। अब सात करोड़ पांच लाख घरों में 122 गांवों और 6191 बसाहटों की ही तरह छत्तीसगढ़ के कितने घरों को छोड़ दिया है? 

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने देश के विद्युतीकरण के आंकड़े जारी करते हुये कहा है कि स्मपेंदल मणिपुर का गांव देश का अंतिम गांव था जिसका विद्युतीकरण करना बचा था। 649867 गांवों को देश में 97 प्रतिशत गांवों को बिजली से जोड़ा गया। 107600 गांवो को 2004 से 2014 तक  10 वर्षो में यूपीए की सरकार में बिजली से जोड़ा गया। 26 मई 2014 को 18452 गांवों में बिजली नहीं थी। 46 माह में 4813 गांव प्रतिवर्ष की दर से जोड़ा गया। अपनी अक्षमता के लिये श्रेय लेने का काम भाजपा की सरकारें ही कर सकती है।

 

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