छत्तीसगढ़ विधानसभा की हुई हंगामेदार शुरुआत

 

०० विधानसभा में उठा सीडी कांड से जुड़े रिंकू खनूजा आत्महत्या का मुद्दा

रायपुर| छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार को हंगामे के साथ शुरू हुआ। विपक्ष ने विधानसभा में पहले ही दिन सीडी कांड से जुड़े रिंकू खनूजा आत्महत्या कांड का मुद्दा जोरशोर से उठाया। सदन में विपक्ष ने कहा कि रिंकू खनूजा की मौत आत्महत्या नहीं हत्या है। इस पर विपक्ष ने सदन में काम रोको प्रस्ताव पेश किया,जिसे विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने विपक्ष के काम रोको प्रस्ताव को नामंजूर करते हुए इस मामले को लेकर सदन में चर्चा से साफ इनकार कर दिया।

विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि इस मामले की सीबीआई कर रही है जोकि केंद्र सरकार की जांच एजेंसी है। इसलिए इस मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती है। इस पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष के हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो विपक्ष ने एकबार फिर हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस के करीब 30 विधायक गर्भगृह परिसर में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इसपर विधानसभा अध्यक्ष ने गर्भगृह में विरोध कर रहे कांग्रेसी विधायकों को निलंबित कर दिया। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने काम रोको प्रस्ताव का समर्थन करते हुए सदन में इस मामले को लेकर चर्चा कराने की मांग की। बघेल के सवाल पर मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे ने सदन में विधानसभा अध्यक्ष की बात को दोहराते हुए बताया कि सीबीआई केंद्र सरकार की जांच एजेंसी है, इसलिए इस मामले में सदन में चर्चा नहीं हो सकती। इसके बाद विपक्ष ने फिर से हंगामा शुरू कर दिया। इससे पहले छत्तीसगढ़ विधानसभा का मॉनसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ। चार दिन के इस सत्र में केवल चार बैठकें होनी हैं। सत्र की शुरुआत दिवंगत पूर्व सांसद व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केयूर भूषण, पूर्व मंत्री हेमचंद्र यादव तथा विक्रम भगत को श्रद्धांजलि देकर हुई। 3 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। इसमें शिक्षाकर्मियों के संविलियन के बाद वेतन- भत्तों के लिए धन की व्यवस्था की गई है।

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