मिनी माता स्वावलंबन योजना में 400 युवाओं को दुकान मंजूर करने का कैबिनेट ने लिया निर्णय

०० लगभग 800 किसानों को पम्प कनेक्शन देने 2.50 करोड़ रूपए तत्काल मंजूर

०० मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति  विकास प्राधिकरण की हुई 23 वीं बैठक

रायपुर| अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित 23वीं बैठक में मिनी माता स्वावलंबन योजना के तहत 400 युवाओं को स्व-रोजगार के लिए दुकान मंजूर करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा प्राधिकरण क्षेत्र के जिलो में लगभग 800 किसानों के असाध्य सिंचाई पम्पों को बिजली का कनेक्शन देने के लिए प्राधिकरण के मद से दो करोड़ 50 लाख रूपए तत्काल मंजूर कर दिए गए।  बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण की राशि से विगत पांच वर्ष में मंजूर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस कार्यकाल की यह अंतिम बैठक है। प्राधिकरण के स्थापना के विगत 14 वर्षों में प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों, प्राधिकरण क्षेत्र के विधायकों, सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से बड़ी संख्या में विकास के कार्य पूर्ण हुए हैं। कई ऐसे कार्य भी पूरे किए गए हैं, जिनके लिए अलग से कोई बजट प्रावधान नहीं था, लेकिन प्राधिकरण की विभिन्न बैठकों में जनप्रतिनिधियों को प्रस्तावों पर ऐसे निर्माण कार्यों के लिए तत्काल राशि मंजूर की गई। सभी सदस्यों ने हर बैठक में अपनी उपस्थिति से प्राधिकरण के उद्देश्यों को सफल बनाया है। उन्होंने सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्राधिकरण की राशि से मिनीमाता स्वावलंबन योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना में अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रशिक्षण और दुकान निर्माण तथा व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए सहायता दी जा रही है। प्राधिकरण से इस योजना के तहत पिछले पांच वर्ष में 1920 युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रशिक्षण तथा सहायता अनुदान देने के लिए 27 करोड़ 88 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई। इन युवाओं में से 1877 युवाओं ने स्वयं का व्यवसाय भी शुरू कर दिया है। यह भी बताया गया कि प्राधिकरण की बैठकों में तीन हजार 788 किसानों के पंपों को बिजली का कनेक्शन देने के लिए 25 करोड़ 64 लाख रूपए मंजूर किए गए थे। इन सभी पंपों के विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। बैठक में जानकारी दी गई कि अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के गठन के बाद विगत 14 वर्ष में 444 करोड़ 85 लाख रूपए की लागत के ग्यारह हजार 599 स्वीकृत किए गए थे। इनमें से दस हजार 650 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। शेष कार्य प्रगति पर है। बैठक में यह भी बताया गया कि प्राधिकरण की बैठकों में 94 नीतिगत निर्णय लिए गए थे, जिनमें से 90 निर्णयों पर कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है। चार निर्णयों पर कार्रवाई प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण के सभी सदस्यों को सक्रिय सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए शुभकामनाएं दी।
    प्राधिकरण की आज की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. सनम जांगड़े, सहित केन्द्रीय इस्पात और खनन राज्य मंत्री श्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री श्री रामसेवक पैकरा, खाद्य मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री केदार कश्यप, सहकारिता मंत्री श्री दयालदास बघेल, लोक सभा सांसद श्री रमेश बैस, श्री चंदूलाल साहू और श्री ताम्रध्वज साहू, संसदीय सचिव श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, श्री मोतीराम चन्द्रवंशी और श्री तोखन साहू, विधायक श्रीमती केराबाई मनहर, श्रीमती सरोजनी बंजारे, श्री नवीन मारकण्डेय, श्री दलेश्वर साहू, श्री दिलीप लहरिया, श्री मोतीलाल देवांगन, श्री जनकराम वर्मा, मंहत सांवला राम डाहरे, श्री रामलाल चौहान, श्री चुन्नीलाल साहू, छत्तीसगढ़ अंत्यावसायी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री निर्मल सिन्हा, मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री ए.एन. उपाध्याय, अपर मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर, श्री आर.पी. मंडल, प्रमुख सचिव वित्त श्री अमिताभ जैन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री आर.के. सिंह, प्राधिकरण के सदस्य जिला पंचायत के अध्यक्ष तथा अन्य सदस्य और विभिन्न विभागों के सचिव उपस्थित थे।  
 

 

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