दस्तावेज़ों का अंबार लगा है रमन सिंह जी, बस जांच करवा दीजिएः भूपेश बघेल

०० भूपेश ने कहा, मुझसे जुड़े मामलों में तो जांच के बिना कार्रवाई क्यों हो रही है?

०० क्या रमन सरकार और दस्तावेजो पर भी इसी तत्परता से कार्रवाई करेगी?

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि दस्तावेज़ों से साबित हो गया कि सरकार ने कलेक्टर का दुरुपयोग करके उनकी ज़मीन के मामले में ग़लत फ़ैसला दिया। जब चोरी पकड़ी गई तो रमन सिंह को दस्तावेज़ और जांच की याद आ रही है. उन्होंने कहा है, “दस्तावेज़ों का अंबार लगा है, बस रमन सिंह जांच से कतरा रहे हैं, यदि मेरे मामले में जांच हो सकती है तो बाक़ी मामलों में भी होनी चाहिए।”

भूपेश बघेल ने कहा कि दस्तावेज़ों के आधार पर कार्रवाई से पहले अगर जांच हो जाती तो भिलाई में मेरी ज़मीन के मामले में कलेक्टर उमेश अग्रवाल सीधे नामांतरण के आदेश जारी नहीं करते अगर जांच के बाद भी कार्रवाई होती तो भिलाई स्थित मकान के मामले में भी आर्थिक अपराध शाखा में एफ़आईआर नहीं होती और न कुरुदडीह में किसानों को उकसाया जाता। पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ़्तारी से पहले कौन सी जांच हुई, रमन सिंह बता दें। उन्होंने कहा है कि जहां तक दस्तावेज़ों का सवाल है को प्रदेश में दस्तावेज़ों और सबूतों का अंबार लगा है बस रमन सिंह जांच नहीं होने दे रहे हैं क्योंकि उन सब मामलों में या तो वे ख़ुद अपराधी साबित होंगे या उनके परिजन।भूपेश बघेल ने कहा कि यदि दस्तावेज़ों के आधार पर ही फ़ैसला होना है तो प्रियदर्शिनी बैंक घोटाले, नान घोटाले, अंतागढ़ में लोकतंत्र के चीरहरण के मामले में और कवर्धा के पते पर खुले विदेशी खाते के मामले में भी फ़ैसला हो जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर फ़ैसला न हो तो कम से कम जांच तो हो जाए, क्यों सरकार न अंतागढ़ की जांच करवाती है और न अभिषाक सिंह के खाते की उन्होंने कहा, “रमन सिंह की पुलिस तो पुख़्ता सबूतों के बाद भी जांच नहीं करती क्योंकि इसमें मुख्यमंत्री का कुनबा फंस रहा है।” प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि अगर दस्तावेज़ों के आधार पर ही कार्रवाई और जांच होनी है तो अभी कांग्रेस सरकार को एक एक करके बहुत से दस्तावेज़ भिजवाएगी, फिर जनता गवाही देगी कि रमन सिंह क्या करते हैं।

 

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