मासूम बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने वाली बाल तस्करी की कुप्रथा को जड़ से ख़त्म करना है ज़रूरी : श्रीमती प्रभा दुबे

०० श्रीमती दुबे ने राजधानी में आयोजित बच्चों की तस्करी और यौन उत्पीड़नविषय पर  आयोजित गोल मेज सम्मलेन का किया शुभारम्भ

रायपुर| छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा दुबे ने ‘बाल तस्करी और बच्चों के यौन उत्पीड़न’ विषय पर  आयोजित गोल मेज (राउंड टेबल) सम्मलेन का शुभारम्भ किया| सम्मलेन को संबोधित करते हुए श्रीमती प्रभा दुबे ने कहा कि बच्चों की तस्करी की घटनाओं से आयोग चिंतित है, हम सभी को इसके लिए और ज्यादा संवेदनशील होने की जरूरत है| मासूम बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने वाली इस कुप्रथा को समाप्त करने सभी वर्ग के लोगों को सामने आना होगा|

श्रीमती दुबे ने कहा कि इसके लिए पुलिस और सामाजिक संगठनों की भूमिका भी बेहद अहम है. उन्होंने जशपुर कलेक्टर द्वारा की गई पहल ‘बेटी ज़िंदाबाद बेकरी’ का उल्लेख करते हुए कहा कि बाल तस्करी और मानव तस्करी के चंगुल से मुक्त कर पीड़ित बच्चों और महिलाओं के लिए प्रशासन की ओर से एक सराहनीय कदम उठाया गया .उन्होंने कहा कि एक समय जहाँ सबसे ज्यादा मानव तस्करी की शिकायत मिलती थी अब वहां के 21 बच्चों ने आई आई टी (IIT) और एन आई टी (NIT) में जगह बनाकर अपनी योग्यता सिद्ध की है.यही सकारात्मक बदलाव है और ऐसे बदलाव की ज़रुरत आज हर तरफ है .उन्होंने इस अवसर पर बच्चों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने का अपना संकल्प दोहराया और मंच के माध्यम से सभी से इस सामाजिक बुराई को दूर करने में अपना अपना योगदान देने की अपील की.इस अवसर पर आयोग के सचिव श्री नन्दलाल चौधरी एवं अनेक स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे|

 

error: Content is protected !!