छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में विदयुत अधोसंरचनाओं के विकास के लिए 15 वर्षो में किया अभूतपूर्व कार्य : आर.के. सिंह

केन्द्रीय बिजली राज्य मंत्री आर.के. सिंह ने की रमन सरकार की तारीफ

०० राज्य सरकार ने अपने बजट से विदयुत अधोसंरचना विकास पर खर्च किए बारह हजार करोड़

०० प्रदेश में अब 50 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को मिल रही चौबीसों घंटे बिजली

०० सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग में भी छत्तीसगढ़ सरकार के कार्य अनुकरणीय

रायपुर| केन्द्रीय बिजली तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री आर.के. सिंह ने छत्तीसगढ़ में विदयुत विकास के कार्याें और अब तक प्राप्त उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और उनकी सरकार की तारीफ की है। केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री सिंह ने आज  यहां मुख्यमंत्री के साथ उनके निवास कार्यालय में केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय  की विभिन्न योजनाओं के तहत छत्तीसगढ़ में हो रहे कार्यो की समीक्षा कर रहे थे। श्री आर.के. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में विदयुत अधोसंरचनाओं के विकास के लिए विगत करीब 15 वर्षाें में अभूतपूर्व कार्य किया है। यह काबिल-ए-तारीफ है और अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।  श्री सिंह ने इसके लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी और ऊर्जा विभाग तथा विदयुत कंपनियों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की भी तारीफ की। श्री सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार ने विदयुत उपभोक्ताओं के घरों, दुकानों और उद्योगों में स्मार्ट मीटर लगाने का भी निर्णय लिया है।  
केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री सिंह ने समीक्षा बैठक के बाद कहा कि केन्द्र सरकार राज्यों को बिजली सुविधाओं के विस्तार के लिए वित्तीय सहायता देती है, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विगत लगभग 15 साल में स्वयं के बजट से राज्य में विदयुत उत्पादन, ट्रांसमिशन और अंतिम छोर के गांवों तथा घरों तक वितरण के लिए अधोसंरचना विकास पर 12 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा राशि खर्च की गई है। इससे राज्य के 50 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को चौबीसों घंटे गुणवत्ता पूर्ण बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा – बिजली के क्षेत्र में अधोसंरचनाओं को सुदृढ़ बनाने का सराहनीय कार्य छत्तीसगढ़ सरकार ने किया है। श्री आर.के. सिंह ने कहा – किसानों के सिंचाई पम्पों के विदयुतीकरण में भी छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है। यह प्रगति अन्य राज्यों की तुलना में काफी बेहतर है। केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री सिंह ने कहा – विगत 15 वर्षाें में छत्तीसगढ़ में  बिजली कनेक्शन वाले सिंचाई पम्पों की संख्या 97 हजार से बढ़कर पांच लाख तक पहुंच गयी है। दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत रमन सरकार ने राज्य में ग्रामीण विदयुतीकरण का तीन चौथाई कार्य पूर्ण कर लिया है। इस वर्ष सितम्बर माह तक शेष कार्य भी पूर्ण करने का लक्ष्य है। इसके लिए तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा – प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत छत्तीसगढ़ में सात लाख 08 हजार घरों को बिजली का कनेक्शन देने के लक्ष्य को भी तेज गति से पूरा किया जा रहा है। अब तक चार लाख परिवारों को विदयुत कनेक्शन दिए जा चुके हैं। प्रदेश के दूर-दराज के नक्सल प्रभावित इलाकों में भी विदयुत कनेक्शन देने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। केन्द्रीय बिजली राज्य मंत्री ने सौर ऊर्जा के अधिक से अधिक उपयोग के लिए भी मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की तारीफ की। श्री आर.के. सिंह ने कहा – सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग करते हुए राज्य मंे स्कूलों, स्वास्थ्य केन्द्रों, आंगनबाड़ी केन्द्रों  में सोलर प्रणाली से बिजली की व्यवस्था की जा रही है। सिंचाई और पेयजल व्यवस्था के लिए भी सौर ऊर्जा प्रणाली का उपयोग हो रहा है। सौर सुजला योजना के जरिये राज्य सरकार किसानों को सिंचाई के लिए काफी कम कीमत पर सोलर सिंचाई पम्प दे रही है। रमन सरकार की ऐसी अभिनव पहल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है। केन्द्रीय बिजली राज्य मंत्री श्री सिंह ने बैठक में छत्तीसगढ़ के तीन आकांक्षी जिलों -दंतेवाड़ा, सुकमा और बस्तर के कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये वहां विदयुत विस्तार के लिए हो रहे कार्योें का ब्यौरा लिया। श्री सिंह ने उनसे प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत घरों के विदयुतीकरण की प्रगति की भी जानकारी ली। बैठक में छत्तीसगढ़ विदयुत कम्पनी के अध्यक्ष श्री शिवराज सिंह, मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर.पी मंडल, वित्त और गृह विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन,  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी और विद्युत वितरण कम्पनी के प्रबंध संचालक श्री अंकित आनंद  सहित केन्द्र और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

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