शिक्षाकर्मियो के संविलियन पर सरकार ने लगाई मुहर, कैबिनेट की बैठक में संविलियन का लिया फैसला

रायपुर| छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों के संविलियन पर रमन सरकार ने मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की अध्यक्षता में सोमवार शाम मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में शिक्षाकर्मियों के संविलियन का फैसला लिया। जिसमे आठ साल की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मियों इसका लाभ मिलेगा। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद कुल 1 लाख 2 हजार शिक्षाकर्मियों को इसका सीधा लाभ होगा। 1 जुलाई 2018 से संविलियन होगा।

कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री की विकास यात्रा और विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई। इस बार मंत्रिपरिषद की बैठक पर प्रदेश के 1 लाख 80 हजार शिक्षाकर्मियों की निगाह टिकी हुई थी। दरअसल, मुख्यमंत्री ने विकास यात्रा के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद इस मामले में अफसर पूरी तरह चुपी साधे हुए थे। मंत्रिपरिषद की बैठक में ही यह तय होगा कि आठ साल सेवा अवधि पूरी करने वाले शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया जाए या फिर सभी शिक्षाकर्मियों को एक साथ संविलियन कर दिया जाए। इसके अलावा शिक्षाकर्मियों से जुड़ी अन्य बातों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। संविलियन होने के बाद सरकार पर 1400 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आने की संभावना है। शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा ने स्पष्ट कर दिया है कि मंत्रिपरिषद मंत्रिपरिषद में हुए फैसले के बाद शिक्षाकर्मी बैठककर इसकी समीक्षा करेंगे। इसके आधार पर ही आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। मोर्चा ने मांग की है कि सातवें वेतनमान और संविलियन के लिए आठ साल के बंधन को न रखा जाए।

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