दूषित पानी की वजह से मर रहे लोग,सरकार साफ़ पानी भी नहीं दे सकती : भूपेश बघेल  

०० सुपेबेड़ा में अब तक किडनी से पीड़ित 64 लोगों की हो चुकी है मौत

०० कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सुपेबेड़ा में किडनी पीड़ितों से की मुलाकात

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल कल रात राजा खरियार के लिए रवाना हुये और सुबह सुपेबेड़ा के लिए रवाना हुये। भूपेश बघेल सुपेबेड़ा में गांव वालों से मुलाकात कर वहां की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। भूपेश बघेल 3 घंटे लगातार सुपेबेड़ा में रहे, पीड़ितों से मुलाकत की। सूची बनाई, विवरण दर्ज किया। अभी तक किये गये उपायों और पहुंचाई गई सरकारी मदद की जानकारी ली। पीड़ितों के घर भी गये। मृतकों के परिजन और बीमारियों से पीड़ित लोगों से भी मुलाकात की।

बारिश के बावजूद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में गये, उच्च स्तरीय जांच दल ने अपना काम जारी रखा। कांग्रेस लगातार सुपेबेड़ा का मामला उठाती रही है और किडनी रोग पीड़ितों के लिए लगातार संघर्ष करती रही है। हाल ही में राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दौरे के दौरान भी बिलासपुर में सुपेबेड़ा के किडनी पीड़ितों का एक दल राहुल गांधी से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से रूबरू करवाया था। गौरतलब है कि इसके पूर्व भी राहुल गांधी के बस्तर दौरे के समय सुपेबेड़ा के गांव वाले राहुल गांधी से जगदलपुर जाकर मिले थे। सुपेबेड़ा के किडनी रोग पीड़ितों का मामला कांग्रेस लगातार उठाते रही है। इस मामले में युवक कांग्रेस ने भी गरियाबंद जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी रायपुर तक पदयात्रा करके सुपेबेड़ा के किडनी पीड़ितों की समस्या को सरकार तक पहुंचाया था। इसके बावजूद इस गंभीर समस्या पर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। सुपेबेड़ा में किडनी रोग से मरनेवालों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है पर सरकार अपनी आंखे मुंदे तमाशा देख रही है। एक ओर सरकार विकास यात्रा निकालकर करोड़ों रूपये खर्च कर अपनी गाथा सुनाने में व्यस्त हैं वहीं राजधानी रायपुर के पास के नक्सल प्रभावित गरियाबंद जिले का सुपेबेड़ा गांव साफ पानी के लिए तरस रहा है। लगभग डेढ़ हजार की आबादी वाले इस गांव में वर्ष 2009 से अब तक किडनी की बीमारी से ग्रस्त 64 लोगों की मौत हो चुकी है। लगभग हर घर में कोई न कोई किडनी की बीमारी का शिकार है।

 

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