तन, मन, मस्तिष्क और आत्मा को निरोग बनाता है योग: बृजमोहन अग्रवाल

०० कृषि महाविद्यालय में सात दिवसीय योगाफेस्ट 2018 का शुभारंभ 
०० प्रदेश के 8 विश्वविद्यालयों के 450 से अधिक प्रतिभागी शामिल

रायपुर| कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कृषि महाविद्यालय रायपुर में सात दिवसीय योगाफेस्ट – 2018 का शुभारंभ करते हुए कहा कि योग हमारे तन, मन, मस्तिष्क और आत्मा को निरोग बनाता है। योग हमारे बुद्धि और चित्त को शान्त करता है और आत्मा को शुद्ध करता है। हमारे जीवन में योग के महत्व को देखते हुए युवाओं को अपनी दिनचर्या में योग को अवश्य स्थान देना चाहिए जिससे वे स्वस्थ और ऊर्जावान बन सकें। उन्होंने योग को संपूर्ण विश्व में प्रतिष्ठित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों की सराहना की। श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के अथक प्रयासों से दुनिया के 125 देशों में 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस सात दिवसीय योग प्रशिक्षण एवं चिंतन शिविर का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय सेवा योजना, उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति, डॉ. एस.के. पाटील ने की। छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग में सचिव श्री सुरेन्द्र कुमार जायसवाल एवं स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई के कुलपति, डॉ. मुकेश कुमार वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। 
इस योग प्रशिक्षण एवं चिंतन शिविर-योगाफेस्ट-2018 में छत्तीसगढ़ के आठ विश्वविद्यालयों – इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, पं. रविशंकर शुक्ल, विश्वविद्यालय, रायपुर, दुर्ग विश्वविद्यालय, बिलासपुर विश्वविद्यालय, बस्तर विश्वविद्यालय, जगदलपुर, सरगुजा विश्वविद्यालय, अम्बिकापुर, स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई एवं गुरू घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी सहित 450 शिविरार्थी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटील ने कहा कि योग युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है और उन्हें अपनी ऊर्जा को सही दिशा में उपयोग करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि देश और समाज को युवाओं  से परिवर्तन की अपेक्षा होती है क्योंकि युवा पीढ़ी ऊर्जा से लबरेज़ होती है। उन्होंने उम्मीद जताई की इस सात दिवसीय योग शिविर के दौरान युवा योगासन, ध्यान और प्राणायाम के द्वारा अपनी अंतर्निहित ऊर्जा को सकारात्मक बनाते हुए देश और समाज में परिवर्तन लाने का काम करेंगे। डॉ. पाटील ने कहा कि योग शिविर के दौरान युवाओं को रोजगारमूलक व्यवसायों जैस मशरूम उत्पादन, कम्पोस्टिंग, नेक्टर निर्माण, हस्तशिल्प आदि का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा जो उनके अध्यवसाय के लिए उपयोगी साबित होगा। डॉ. पाटील ने प्रशिक्षण की सफलता की कामना की। स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के कुलपति डॉ. मुकेश कुमार वर्मा ने कहा कि योग भारत की प्रचीन एवं समृद्ध परंपरा का अटूट अंग है। ऋग्वेद में भी योग का उल्लेख मिलता है उन्होंने कहा कि योग से समभाव की स्थिति की प्राप्ति संभव है। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री सुरेद्र कुमार जायसवाल ने युवाओं से योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने और इसका प्रचार-प्रसार करने का आव्हान किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य प्रभारी डॉ. समरेन्द्र सिंह ने राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम आयोजन सचिव इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. जी.के. श्रीवास्तव ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। 
उल्लेखनीय है कि योगाफेस्ट-2018 में शिविरार्थियों को प्रातः योगाभ्यास के बाद श्री रामचन्द्र मिशन द्वारा  ध्यान कराया जाएगा। तकनीकी सत्र् के अन्तर्गत मशरूम, कम्पोस्टिंग, नेक्टर निर्माण, हस्तशिल्प का प्रशिक्षण दिया जायेगा तथा शिविरार्थियों को डॉ. आर.एच. रिछारिया अनुसंधान प्रयोगशाला, कृषि संग्रहालय, सूचना प्रौद्योगिकी केन्द्र, जैव प्रौद्योगिकी, जैव नियंत्रण, संरक्षित कृषि प्रयोगशालाओं, जैव विविधता पार्क एवं चावल अनुसंधान प्रयोगशाला आदि का भ्रमण भी कराया जायेगा। शिविरार्थियों को 5 समूहों में बांट कर मशरूम उत्पादक तकनीक, पैरा एवं किचन वेस्ट से कम्पोस्टिंग, बेकार पुराने पेपर से हैण्ड मेड पेपर, सजावटी वस्तुएं बनाने एवं मोटी पॉलिथिन बैग का पौधे लगाने में उपयोग, फलों के रस से पेय (नेक्टर) बनाने आदि का तकनीक प्रशिक्षण दिया जाएगा। योगाफेस्ट-2018 के दौरान चिंतन एवं बौद्धिक सत्र, स्वदेशी खेल-कूद प्रतियोगिताएं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। 
 

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