सत्ता का दुरुपयोग कर की गई है एफआईआर : शैलेश पाण्डेय  

०० शराब चखना दुकान से जुड़े लोग कैसे कर रहे शिकायत

०० बिना जांच किए एफआईआर नही होनी चाहिए, मंत्री के इशारे पर राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया

बिलासपुर। कोटा में महेंद्र मानिकपुरी  के द्वारा  किए गए  एफआईआर  के मामले में  कांग्रेस नेता  शैलेश पांडे ने  कहा है कि  यह पूरा मामला  राजनीतिक षड्यंत्र  है  विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करने और  मेरी राजनीतिक छवि को खराब करने के लिए  कुछ नेताओं द्वारा यह राजनीतिक खेल खेला जा रहा है। कराई जबकि जानकारी है कि शिकायतकर्ता प्रमेंद्र मानिकपुरी  कोटा में  शराब दुकान  के लिए चखना सेंटर  चलाता है  यह चखना सेंटर बिलासपुर के मंत्री ने उसे  दिलाया है ताकि वह उसके लिए उल्टे सीधे काम कर सके। कोटा के लोगों का कहना है कि इसके अलावा वह फर्जी डिग्री  बनाने और लोगों को ब्लैकमेल करने का काम करता है।

शैलेश पांडे ने कहा कि जानकारी यह भी है कि उसके खिलाफ कई बार शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं। सत्ता  के दबाव में यह एफआईआर की गई है  शैलेश पांडे ने कहा कि  जल्दी  पूरे मामले का बड़ा खुलासा किया जाएगा  इस के समस्त दस्तावेज  तैयार कर लिये गए है। इसके पीछे जिन बड़े नेताओं  की साजिश है , और किन कार्यकर्ता कौन से कार्यकर्ता इस में काम कर रहे हैं। सबके नाम का प्रमाणित तथ्यात्मक खुलासा जल्द ही किया जाएगा। शैलेश पांडे ने कहा एफआईआर के मामले में कहां है कहा कोई भी शिकायत पर जांच करना पुलिस प्रशासन का काम है और यह काम होना भी चाहिए इसके लिए हम सहयोग करने को भी तैयार हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन ने बिना जांच किए सीधे मामले में अपराध दर्ज किया है इसका सीधा अर्थ है कि वह दबाव में और व्यक्तिगत द्वेष को लेकर कार्य कर रही है। यह बात समझ से परे है कि बिना जांच किए किसी भी प्रकार की बिना पूछताछ के मामला दर्ज कैसे किया गया। शैलेश पांडे ने यह आरोप लगाया कि जिन चार वरिष्ठ लोगों के नाम पर एफआईआर की गई है यह मामला दर्ज किया गया है उन नामों के चयन का आधार क्या है।  श्री संतोष चौबे जी जो विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं जो सीधे तौर पर नहीं जुड़े होते हैं इसी तरह डिप्टी रजिस्ट्रार प्रशासन और डिप्टी रजिस्ट्रार मानव संसाधन के नामों का चयन का आधार क्या है। यह बात भी पुलिस को पहले सोचने और जांच के दायरे में लेनी चाहिए थी। यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक दुष्प्रेरण से प्रेरित मामला है। जिसमें विश्वविद्यालय के अधिकारियों और विश्वविद्यालयों की छवि को धूमिल करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। पूरे मामले में सरकार और उसके मंत्री संलिप्त हैं और प्रशासनिक सत्ता के दुरुपयोग करके पूरे मामले में कार्रवाई की जा रही है। शैलेश पांडे ने कहा कि सभी दस्तावेज के साथ हम जल्द ही बड़े नेताओं के नाम और प्रमाणित दस्तावेजों के साथ खुलासा करेंगे। शैलेश पांडे ने कहा कि इस मामले में हम न्यायालय की शरण में जाएंगे और उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय तक बात रखी जाएगी

 

error: Content is protected !!