प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उसी संयंत्र में आ रहे हैं जिस संयंत्र को चालू करने का श्रेय पं. नेहरू को है: कांग्रेस

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और भाजपा, आरएसएस को अच्छी तरह मालूम है कि भिलाई इस्पात संयंत्र की स्थापना सोवियत संघ की सहायता से वर्ष 1955 में की गई। पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू के अथक प्रयासों से भिलाई इस्पात संयंत्र भारत का पहला इस्पात उत्पादक संयंत्र बना। दूसरी पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत यह कारखाना 1956-61 के मध्य कार्य करना प्रारंभ कर दिया। तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. नेहरू की कोशिशों की बदौलत भिलाई इस्पात संयंत्र में 50 हजार से अधिक व्यक्तियों को काम मिला और लौह अयस्क खदानों में लगभग 10 हजार श्रमिकों को रोजगार प्राप्त हुआ। आज यह संयंत्र राष्ट्र में रेल पटरियों और भारी इस्पात प्लेटों का एक मात्र निर्माता एवं संरचनाओं का प्रमुख उत्पादक है और इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 31 लाख 53 हजार टन विक्रेय इस्पात की है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि राहुल गांधी की चार पीढियों एवं बलिदानी परिवार को विकास नहीं करने का आरोप लगाने वाले भाजपा अध्यक्ष का भिलाई इस्पात संयंत्र की स्थापना और देश में प्रारंभ हुए विकास के समय इस दुनिया में अस्तित्व ही नहीं था, क्योंकि उनकी पैदाईश ही 22 अक्टूबर 1964 में हुई है। इसी तरह प्रधानमंत्री मोदी उसी संयंत्र में आ रहे हैं, जिस संयंत्र को चालू करने का श्रेय पं. नेहरू को है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भिलाई इस्पात संयंत्र में तकरीबन 18 हजार करोड़ की लागत से 7 मिलियन टन विस्तारीकरण परियोजना के तहत नये यूनिट बनाए गए हैं, उसको राष्ट्र को समर्पित करेंगे।  कांग्रेस सरकार ने 50-60 वर्षों में विकास किया और इस विकास का श्रेय केवल राहुल गांधी की चार पीढियों सहित उन तमाम राष्ट्रभक्तों को जाता है, जिन्होंने देश को आजाद कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कांग्रेस के प्रत्येक सदस्य को इस बलिदानी परिवार के प्रति अटूट श्रद्धा, प्रेम एवं गर्व है। राहुल-सोनिया परिवार कांग्रेस का परिवार है, भाजपा इस परिवार के प्रति कितनी ही नफरत कराने का प्रयोजन करने का प्रयास करे, यह कड़ी टूटने वाली नहीं है, बल्कि उतनी ही मजबूत होकर देश में उभरेगी। भाजपा कांग्रेस की योजनाओं का नाम बदलकर सिर्फ ढिंढोरा पीट रही है, विकास का ढोंग करने के अलावा भाजपा का कोई उल्लेखनीय योगदान नहीं है। देश में भाजपा के पराजय की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होने वाली है। अहंकार में आकंठ डूबी भाजपा सरकार के पतन का सिलसिला यहीं से शुरू होगा जो 2019 के केंद्र के चुनाव तक चलेगा और आगे भी जारी रहेगा।

 

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