नवागांव सलका पंचायत के तालाब निर्माण कार्य में बरती जा रही भारी अनियमितता

०० रोजगार गारंटी योजना के तहत तालाब निर्माण का कराया जा रहा कार्य

०० सरपंच-पंच सचिव की मिलीभगत से मस्टररोल में भरे जा रहे हैं फर्जी नाम, रोजगार सहायक और मेट भी है शामिल
०० मूल्यांकन के बाद 174 रुपए की जगह 90 से 100 रुपए के आसपास मिलती है मजदूरी

संजय बंजारे

करगी रोड कोटा। जनपद पंचायत कोटा के अंतर्गत आने वाले समस्त ग्राम पंचायतों में लगभग आधे से ज्यादा पंचायतों में रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्य किए जा रहे हैं, कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत सलका नवागांव में लगभग 17 लाख की लागत से रोजगार गारंटी के तहत तालाब का निर्माण कराया जा रहा है, दलहा पहाड़ के नीचे नए तालाब का निर्माण कार्य जारी है, पहाड़ो से बहने वाले पानी को सहेजने के लिए तालाब निर्माण का कार्य रोजगार गारंटी योजना के तहत किया जा रहा है|

सलका नवागांव ग्राम पंचायत में हो रहे रोजगार गारंटी के तहत तालाब निर्माण में सरपंच और जनप्रतिनिधियों, मेट द्वारा मस्टररोल में गड़बड़झाला किया जा रहा है, हफ्ते में एक दिन मस्टररोल भरा जाता है, लगभग 300 से 350 लोग तालाब निर्माण के कार्य में मजदूरी कर रहे हैं,सरपंच सहित सचिव की अनुपस्थिति रहती है, तकनीकी सहायक द्वारा बीच-बीच में जाकर जांच कर नियमता: कार्य करने की रोजगार सहायक और मेट  को कहा जाता है, पर ऐसा सलका नवागांव के तालाब निर्माण कार्य में नहीं हो रहा है|  निर्माण कार्य में अनियमितता बरती जा रही है, जिस मापदंड से कार्य होने हैं वह कार्य हो पा रहे हैं,तालाब निर्माण कार्य में काम कर रहे ग्रामीण मजदूर जो कि श्री पारा,सलका ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं ,ग्रामीणों का आरोप था कि काम मे नहीं आनेवालों के नाम मस्टररोल में चढ़ा दिए जाते हैं, जिसकी वजह से जो ग्रामीण और मजदूर ,महिलाएं, पुरुष काम जो कि निरंतर कार्य करने आते हैं, उनकी वजह से मूल्यांकन के दौरान मजदूरी की राशि हमारी कम कर दी जाती है, रोजगार गारंटी योजना के तहत नियमत: 174 रुपए प्रति मजदूर देने को है पर मूल्यांकन के बात ज्यादा से ज्यादा ₹90 से लेकर ₹60 तक तक की रोजी ही मिल पाती है। इस पूरे मामले में सलका नवागांव  पंचायत के सरपंच और सचिव से बात करने पर सरपंच सीताराम द्वारा बात करने से इंकार कर दिया गया, ग्राम पंचायत सचिव ने दो ग्राम पंचायत में प्रभार होने के कारण मॉनिटरिंग करने में असमर्थता जताई, रोजगार गारंटी  के कार्यों की मानिटरिंग करने  वाली तकनीकी सहायक द्वारा बताया गया, कि अभी अप्रैल में मेरे द्वारा जॉइनिंग की गई है, और जितने भी निर्माण कार्य रोजगार गारंटी के तहत हो रहे हैं ,उस पूरे निर्माण कार्य में मेरे द्वारा मानिटरिंग की जाती है, रोज के रोज मस्टररोल में हाजरी भरने रोजगार सहायक और मेट को कहा जाता है, मस्टर रोल में अनुपस्थित रहने वाले लोगों के फर्जी नाम अगर रोजगार सहायक और मेट द्वारा भरे जाते हैं ,तो मूल्यांकन के दौरान मजदूरों के भुगतान कम कर दिए जाते हैं, 174 रुपए की जगह 90 से 100 रुपए भुगतान किए जाने संबंधित शिकायत के बारे में तकनीकी सहायक बरखा खिलानी द्वारा बताया गया की पूर्व में जो तकनीकी सहायक थे उनके द्वारा क्या भुगतान व  किस प्रकार से मूल्यांकन कर भुगतान किया गया था, मुझे जानकारी नहीं मेरी अप्रैल से जॉइनिंग होने के बाद भुगतान संबंधी शिकायत नहीं हुई है, अगर ऐसा कुछ है तो उस पर जांच की जाएगी।

इनका है कहना ……………………..

इस मामले पर मनरेगा विभाग के पी.ओ. से बात करने पर उनके द्वारा बताया गया की मस्टर रोल में अगर जनप्रतिनिधियों या अन्य के दबाव में फर्जी नाम मस्टर रोल में भरे जा रहे हैं होंगे तो उसकी जांच कर तकनीकी सहायक के मूल्यांकन के बाद भुगतान की जाएगी और अगर रोजगार गारंटी के कार्य में अनियमितता की जाएगी तो मेट और रोजगार सहायक पर कार्रवाई की जाएगी उनके वेतन रोक दिए जाएंगे मजदूरों को रोजगार गारंटी के तहत 174 रूपय मजदूरी से कम मजदूरी मिलने के सवाल पर पी. ओ. द्वारा बताया गया कि तकनीकी सहायक के मूल्यांकन के बाद ही भुगतान किए जाते हैं।

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