धमाका36 की खबर के बाद जागा प्रशासन, 11 महीनों से वंचित हितग्राहियों को मिली पेंशन राशि

०० मामला कोटा जनपद पंचायत के अंतर्गत भैंसाझार पंचायत का, धमाका 36 ने किया था प्रमुखता से खबर का प्रकाशन
०० सरपंच-सचिव पर ग्रामीणों ने लगाया था अनियमितता का आरोप,पंचायत सचिव पर नहीं हुई कार्रवाई

०० नशे की हालत में महिलाओं से अभद्र व्यवहार का लगा था आरोप

करगीरोड कोटा। पिछले दिनों कोटा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत भैंसाझार के लगभग 40 से 42 पेंशनधारी हितग्राही 15 किलोमीटर का रास्ता तय करके जनपद पंचायत पहुंचे थे जिन्हें 11 महीनों का पेंशन नहीं मिल रही थी| पंचायत के सरपंच और सचिव द्वारा इन हितग्राहियों को पेंशन की राशि उपलब्ध कराने के बजाय बहानेबाजी किया जाता रहा, साथ ही पंचायत सचिव दसरू राम मरावी द्वारा हितग्राहियों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया जाता था। भैसाझार पंचायत के बछाली खुर्द  के पेंशन हितग्राहियों द्वारा जनपद पंचायत सीईओ को आवेदन के साथ सभी हितग्राहियों के आधार कार्ड और खाते की फोटो कॉपी स्वयं जमा कराया गया, इस पूरी खबर को धमाका 36 ने प्रमुखता से उठाया था, इस खबर का असर भी हुआ और भैसाझार पंचायत के पेंशन हितग्राहियों का दस ग्यारह महीने से रुके हुए उनके पेंशन की राशि को उनके खाते में 6 महीने की पेंशन की राशि दूसरे दिन ही डाल दी गई, पेंशन के राशि हितग्राहियों के खाते में आने के बाद भैसाझार पंचायत के बछालीखुर्द के पेंशनधारियों ने धमाका 36 का आभार व्यक्त किया|

हितग्राहियों ने जनपद पंचायत सीईओ सहित डीएस मैत्री का भी आभार प्रकट किया, साथ ही पेंशन हितग्राहियों जिनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा थी भैसाझार पंचायत के सचिव दसरू राम मरावी पर भी करवाई करने की बात कही, पंचायत सचिव द्वारा शासकीय योजनाओं के बारे में पूछने पर हितग्राहियों से अभद्र व्यवहार किया जाना, खासकर महिलाओं से, साथ ही पंचायत भवन में शराब के नशे में पंचायत सचिव द्वारा अन्य ग्रामीणों से भी अभद्र व्यवहार किया जाता है,शासकीय योजनाओं में अनियमितता प्रधानमंत्री आवास, शौचालय और मनरेगा ,जैसे शासकीय योजना के क्रियान्वयन में पंचायत के सचिव और सरपंच द्वारा भ्रष्टाचार किए जाने की भी शिकायत भैसाझार पंचायत के ग्रामीणों ने कहीं, साथ ही पंचायत सचिव दसरू राम मरावी को निलंबित करने की बात कहि गई। साथ ही पेंशनधारियों के राशि  महीने से हितग्राहियों को नहीं मिलना, पेंशन की राशि आने के बाद भी सरपंच-सचिव द्वारा यह कहना कि हमारे द्वारा सभी कागजात जनपद पंचायत कोटा में जमा कर दी जाती है, भैंसाझार पंचायत के पेंशन हितग्राहियों को पिछले 10 से 11 महीने से पेंशन की राशि नहीं मिलना, उनका जनपद पंचायत कोटा आना उसके बाद दूसरे ही दिन 6 माह की पेंशन की राशि हितग्राहियों के खाते में डाल देना, जनपद पंचायत कोटा के अधिकारी और कर्मचारी के कार्यशैली पर भी सवाल उठाता है, क्या जानबूझकर पेंशन की राशि जनपद पंचायत कोटा के अधिकारियों,कर्मचारियों द्वारा रोक कर रखा जाता है, जब तक किसी भी ग्राम पंचायत से कोई हितग्राही जनपद पंचायत आकर शिकायत ना करें, उनकी समस्या का हल नहीं हो पाता ,ग्राम पंचायत में बैठे सरपंच और सचिव जिनका काम ही ग्राम पंचायत में समस्याओं का निराकरण करना है ,बुनियादी सुविधाओं के लिए ग्राम पंचायत के ग्रामीणों को जनपद पंचायत के अधिकारियों के समक्ष आना यह सरपंच सचिव सहित जनपद पंचायत कोटा के अधिकारियों कर्मचारियों के कार्यशैली को दर्शाता है, अगर समय से उन पेंशनधारियों को पेंशन उनके ग्राम पंचायत में ही मिल जाता तो उन्हें जनपद पंचायत कोटा आने की आवश्यकता नहीं होती, आगे इस बात की जनपद पंचायत कोटा के बड़े अधिकारी और कर्मचारियों को समझना होगा की ग्राम पंचायत के ग्रामीणों को जनपद पंचायत कोटा आने की आवश्यकता ना पड़े ग्राम पंचायत में ही सभी कार्यों का निराकरण समय से हो जाए।

error: Content is protected !!