भाजपा में वरिष्ठ नेताओं को दूध में पड़ी मक्खी की तरह समझा जाता है: शैलेश नितिन त्रिवेदी

०० मोदी, अमित के भाजपा में चाटुकार नेताओ को मिलता है तव्वजो अटल आडवाणी के समय के नेता हाशिये पर

रायपुर। अमित शाह द्वारा भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में छत्तीसगढ के वरिष्ठ भाजपा नेताओं को फटकार लगाये जाने की कड़ी निदा करते हुये प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मोदी अमित के भाजपा में चाटुकार नेताओ को तव्वजो मिलता है अटल आडवाणी के समय के बचे नेता हाशिये पर है। भाजपा में तजुर्बेकार वरिष्ठ नेताओं को दूध में पड़ी मक्खी की तरह समझा जाता है। अमित शाह मिशन 65 की बात कर रहे है, लेकिन भाजपा की स्थिति बहुत खराब है। 15 वर्षो में पूरे नहीं किये गये वादो के कारण भाजपा छत्तीसगढ़ में एंटी इनकंबेंसी का सामना कर रही है। अमित शाह ने गुजरात में मिशन 150 कहा था, भाजपा की 100 सीटे भी नही आई।

भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ में मिशन 65 की इससे भी बूरी हालात होना तय है, भाजपा की बेहद दयनीय स्थिति है। जनता में बड़ी नाराजगी है, किसानों में, मजदूरों में, युवाओं में, महिलाओं में, व्यापारियों में, उद्योगपतियों में, हर वर्ग भारतीय जनता पार्टी की सरकार से दुखी है नाराज है बदलाव लाना चाहते हैं। कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पी.एल. पुनिया लगातार पूछते है कि भाजपा वाले मिशन 65 कहते है तो जो ये 25 सीटो छोड़ रहे हैं वो बता दे, उन 25 सीटों की सूची दे दे। जिन 25 सीटो में भाजपा अभी हार मान ली है। कांग्रेस तो सभी 90 सीटों में पूरी ताकत से रणनीति बना के चुनाव लड़ेगी भी और जीतेगी भी। 

पूरे छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनके मंडल सहगियो सभी भाजपा के सारे बड़े नेता इस बार चुनाव हारने वाले हैं। भारतीय जनता पार्टी की 15 वर्ष की एंटी इनकंबेंसी और हाल ही में उजागर हुआ सीडी कांड भाजपा पर भारी पड़ेगा। भाजपा के नेता भाजपा के मंत्रियो की सीडी बनाते है। भारतीय जनता पार्टी लगातार अपनी विश्वसनीयता खोती जा रही है, जनाधार खोती जा रही है और आगामी चुनाव में छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी अपना सफाया होने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनका पूरा मंत्रिमंडल इस बार चुनाव हारने की कगार पर पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री रमन सिंह के गोद लिए गांव कांग्रेस की टीम गई थी। छत्तीसगढ़ प्रभारी पी.एल. पुनिया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल गए थे, हम लोग गए थे पत्रकारों का दल गया था। वहां पर जो विकास की स्थिति है बड़ी खराब है। जिसे छत्तीसगढ़ में मीडिया के माध्यम से भी देखा और समझा है। विकास के नाम पर यह सरकार सिर्फ निर्माण कार्य करती है, क्योकि निर्माण कार्य में कमीशन मिलता है। लेकिन जिसे सच्चा विकास कहते है, लोगो का विकास कहते है, जिसे किसानी का विकास कहते है, छत्तीसगढ़ का जो विकास कहते है, वो विकास छत्तीसगढ़ में लापता है। सब उस विकास को खोज रहे है। 

नोटबंदी अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में विफल :- अमित शाह जिस नोटबंदी की बात करते हैं वो नोटबंदी अपने घोषित लक्ष्यों को प्राप्त करने में विफल रहीं है। जब नोटबंदी की गयी थी उस समय साढ़े 16 लाख करोड़ के नोट प्रचलन में थें। अब साढ़े 19 लाख करोड़ के ये सरकार नोट छाप चुकी है। कहां गया कैशलेस इकोनॉमी का दावा? नोटबंदी लागू करते समय प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि नोटबंदी से माओवाद पर रोक लगेगी,  नोटबंदी से आतंकवादियों पर रोक लगेगी। नोटबंदी के बाद भी आंतकवादी जम्मू कश्मीर में आर्मी बैस कैंप पर हमला करते हैं। नोटबंदी के बाद माआवोदी घटनायें लगातार बढ़ती जा रही है। यदि प्रधानमंत्री मोदी को माओवादी उड़ा देने की साजिश रच रहे और प्रधानमंत्री सुरक्षित नहीं है तो नोटबंदी से माओवाद के नियंत्रण के बहुप्राचितर उद्देश्य तो धरा रहा गया। नोटबंदी से व्यापार और उद्ययोग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मोदी सरकार ने हर साल 2 करोड़ रोजगार के अवसर देने की बात कही थी, 4 साल में 8 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलना था लेकिन नोटबंदी के कारण उल्टा रोजगार के अवसरों में कमी हुयी है। नोटबंदी बुरी तरह से फेल हुयी है यदि अमित शाह छत्तीसगढ़ आकर किसी विफल नोटबंदी की गीत गा रहे है तो इससे स्पष्ट है कि भाजपा सरकार के पास उपलब्धियों के नाम पर सिर्फ बहुत बड़ा शून्य है, और कुछ भी नहीं है।

 

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