वृद्धावस्था पेंशन के लिए भैंसाझार के बुजुर्ग महिलाएं पहुचे जनपद पंचायत कोटा

०० पिछले आ माह से पेंशन नहीं मिलने की लगायी सीईओ हिमांशु गुप्ता से गुहार

०० सरपंच अश्वनी कुमार-सचिव दसरू राम मरावी पर लगाया अनियमितता का आरोप

०० पंचायत सचिव नशे की हालत में करता है महिलाओं से अभद्र व्यवहार

संजय बंजारे
करगीरोड कोटा। ग्राम पंचायत भैंसाझार में पेंशनधारियों को नहीं मिली 10 से 11 महीने का पेंशन जिससे कि बुजुर्ग महिलाएं कड़ी धूप में पहुंचे जनपद पंचायत कोटा पंचायत सचिव की लापरवाही से नहीं मिली 60 से 70 साल की बुजुर्ग महिलाओं को पेंशन चक्कर काटना पड़ रहा है।भैसाझार के बुजुर्ग महिलाओं ने बताया है कि पेंशन मिलती है उसी पर ही हम लोग आश्रित रहते हैं लेकिन सचिव ने उन लोगों की फरियाद नहीं सुनी तो मजबूरन जनपद पंचायत कोटा सीईओ हिमांशु गुप्ता के दफ्तर का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

अभी हाल ही में भैंसाझार पंचायत सचिव द्वारा ग्रामीणों को विकास यात्रा में शामिल होने के लिए ले जाया गया था, उसी भैंसाझार के लगभग 40 से 42 पेंशनधारी हितग्राही 15 किलोमीटर का रास्ता तय करके जनपद पंचायत कोटा पहुंचे, जिनमें कि आधे से ज्यादा लोग बुजुर्ग थे कुछ विकलांग थे, भीषण गर्मी और कड़ी धूप में दस से 11 महीनों का पेंशन प्राप्त नहीं होने के कारण इन सभी को जनपद पंचायत कोटा आना पड़ा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा हर पेंशनधारी हितग्राही को ₹350 माह के हिसाब से पेंशन देती है, और इसी पेंशन की राशि से बहुत सारे बुजुर्गों महिलाएं और पुरुषों का जीवन यापन चलता है, पर पिछले 10 से 11 महीनों से इन सभी को पेंशन प्राप्त नहीं हुआ पंचायत के सरपंच और सचिव द्वारा इन हितग्राहियों को पेंशन की राशि उपलब्ध कराने के बजाय बहानेबाजी किया जाता था, साथ ही पंचायत सचिव दसरू राम मरावी द्वारा हितग्राहियों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया, पंचायत की महिलाओं द्वारा बताया गया कि पंचायत सचिव जो कि पंचायत में भी नशे की हालत में रहते हैं, कुछ भी राशन, आवास और पेंशन, की बात करने या जानकारी लेने पर महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया जाता है, हमारे द्वारा पेंशन की राशि मांगे जाने पर हमें सीधा बोला गया कि जहां जाना है, वहां पर चले जाओ अभी पेंशन की राशि नहीं आई है, पंचायत सचिव द्वारा पेंशन हितग्राहियों से इस तरह का व्यवहार करना काफी दुखद है, जिन पेंशनधारियों को 10 से 11 महीनों से पेंशन प्राप्त नहीं हुआ है, पंचायत सचिव दसरू राम मरावी द्वारा इस तरह का व्यवहार करना एक शासन के प्रतिनिधि को शोभा नहीं देता। जब इस बारे में भैंसाझार के पंचायत सचिव दसरू राम मरावी से मीडिया द्वारा सवाल किया गया,उस दौरान भी पंचायत सचिव नशे की हालत में था ,और मीडिया के सामने ही महिलाओं से दुर्व्यवहार कर रहा था, मीडिया के सामने इस तरह का व्यवहार करने से आप अंदाजा लगा सकते हैं ,की ग्राम पंचायत में हितग्राहियों से पंचायत सचिव द्वारा किस तरह का व्यवहार किया जाता होगा, इस पूरी घटना की जानकारी जनपद पंचायत अधिकारी की अनुपस्थिति में जनपद पंचायत के ही अधिकारी डी एस मैत्री से की गई, तो उनके द्वारा पंचायत सचिव को फटकार लगाते हुए पेंशनधारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए कहा गया ,और जल्द से जल्द पेंशन की राशि देने की बात कही गई ,पंचायत सचिव दसरू राम मरावी जो कि शराब के नशे की हालत में था,दस ग्यारह महीने से पेंशन की राशि नहीं मिलने पर जनपद पंचायत के कर्मचारी अधिकारियों को भी दोष दे रहा था ,उसके द्वारा बार-बार बोला जा रहा था, मेरे द्वारा पेंशनधारियों के सभी कागजात जनपद पंचायत में जमा कर दिए गए हैं, मीडिया के पत्रकारों द्वारा जनपद पंचायत कोटा के अधिकारियों को पंचायत सचिव के मुलाहिजा करने के लिए भी बोला गया। जनपद पंचायत कोटा सीईओ के अनुपस्थिति में डी एस मैत्री ने पेंशनधारियों को उनके आधार कार्ड की फोटो कॉपी के साथ, खाते की फोटो कॉपी, जमा करने के लिए कहा गया, और उनके द्वारा उन पेंशनधारियों को यह भरोसा दिलाया गया, कि जल्द से जल्द आपके खाते में पैसे आ जाएंगे ,आश्वासन मिलते ही भैसाझार से आए हुए पेंशनधारी वापस अपने ग्राम पंचायत भैसाझार की ओर चल गए। पेंशनधारियों को पेंशन ना मिलना कोटा विकासखंड के अधिकांश ग्राम पंचायतो मे समस्याएं बनी हुई है, लोक सुराज, ग्राम सुराज सहित समाधान शिविर में पेंशनधारियों को पेंशन ना मिलने की शिकायत ज्यादा संख्या में दर्ज की गई थी,जनपद पंचायत के अधिकारियों का कहना है, कि आधा से ज्यादा बैंकों के खाते में आधार लिंक का ना होना या एक से अधिक खाता हितग्राहियों के होने से कई बार पेंशनधारियों की राशि बैंक खाते में चली जाती है जल्द ही इस समस्या का निराकरण किया जा रहा है। मीडिया के द्वारा जनपद पंचायत कोटा में जानकारी ली गई तो पता चला कि सभी पेंशनधारियों के बैंक खाते में आधार लिंक नहीं होने के कारण से उनके खाते में पैसा जमा नहीं हुए हैं इसी को देखते हुए तत्काल डी एस मैत्री के द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी खाते को आधार लिंक करके बैंक में जमा कर दिए जाएंगे आश्वासन मिलते ही सभी पेंशनधारी जनपद पंचायत कोटा से अपने घर की ओर निकल पड़े।

 

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