रिंकू खनूजा की मृत्यु आत्महत्या नही बल्कि है सुनियोजित राजनैतिक हत्या : कांग्रेस

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस ने रिंकू खनूजा की आत्महत्या को राजनीति हत्या करार देकर सनसनी फैला दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पूर्ण नियोजित हत्या है। प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा और पुलिस पर पूरा मामला दबाने का आरोप लगाया है। जमीन कारोबारी रिंकू खनूजा ने प्रदेश के मंत्री राजेश मूणत की कथित अश्लील सीडी मामले में सीबीआई के घेरे में फंसने के बाद मंगलवार को आत्महत्या कर ली थी।

कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर कथित सेक्स सीडी कांड को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वो रिंकू की फोटो के आधार पर ऐसा दावा कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हम ये दावे के साथ कह रहे हैं कि ये आत्महत्या नही बल्कि हत्या है। उन्होंने कहा कि फ़ोटो के आधार पर ही हम साबित करेंगे कि ये प्री प्लांड राजनीतिक हत्या है। प्रदेश के मंत्री राजेश मूणत की कथित सीडी कांड मामले की जांच की आंच भाजपा नेताओं पर आ रही है। इसके चलते वो हड़बड़ा गई। कांग्रेसी नेताओं ने आरोप लगाया कि रिंकू के मामले को आत्महत्या दर्शाने के लिए फोटो, फिंगरप्रिंट, फारेंसिक जांच नहीं की गई। इसके बाद पोस्टमार्टम भी संदेह के दायरे में है। उन्होंने कहा कि रिंकू की ऊंचाई 5.5 या 5.6 फीट थी, लेकिन जहां फांसी लगाने की बात कही जा रही है वहां की ऊंचाई इतनी नहीं है कि कोई व्यक्ति फांसी लगा सके। जिस तरह की गठान रस्सी के फंदे में है, वैसा फंदा फांसी लगाने वाला नहीं बांध सकता है। उन्होंने कहा कि फोटो के अनुसार, रिंकू के एक पैर में गीली मिट्टी लगी है। जब किसी को हैंग किया जाता है तो उसके मिट्‌टी पंजों में नहीं आनी चाहिए। इसको कहीं और मार कर यहां लाकर टांग दिया गया। जब तेज सांस अवरोध हो जीभ नीली होती है। फांसी में जीभ में खून होता है। नाक से खून निकलता है। वीर्य भी बाहर निकलता है। ऐसे मामले में पुलिस बॉडी जलाने से मन करती है। पांव एक के ऊपर की ओर है। कोई भी सुसाइड करेगा वह सीधे गिरेगा। कांग्रेसियों ने दावा किया कि सीन ऑफ क्राइम कभी झूठ नहीं बोलता। जब किसी व्यक्ति को लटकाया जाए या लटके तो जमीन और शरीर मे अंतर होना चाहिए। इस तरह की घटना में पीएम के समय एक जांच टीम होती है पर वीडियो ग्राफी भी इसकी नही कराई गई। प्रेसवार्ता में संचार विभाग के सदस्य एवं पूर्व महापौर किरणमयी नायक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला, चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राकेश गुप्ता, विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष फैजल रिजवी, संचार विभाग के सदस्य आर.पी.सिंह वरिष्ठ कांग्रेसी एवं मीडिया पैनलिस्ट महेन्द्र छाबड़ा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर उपस्थित थे। 

सीबीआई की लापरवाही :- कांग्रेस नेताओ ने कहा कि जैसा कि समाचार पत्रों से पता चला है कि लगभग साल डेढ़ साल के मोबाईल काॅल डिटेल और मोबाईल लोकेशन ट्रेकर के आधार पर रिंकू खनूजा को बयान के लिये बुलाया गया और उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। ऐसी दशा में जब रिंकू के घर वालो ने बताया कि वह घर से सुबह 08.30 बजे निकला था, और सुबह 08.52 बजे उसने आखरी नमस्कार का मैसेज किया था। उसके बाद उसके घर वाले उसे खोज रहे थे और उसके मोबाईल का लोकेशन कभी रामकृष्ण हाॅस्पिटल कभी सिविल लाईन थाना के पास दिखा रहा था तो इस बिन्दु पर कोई जांच क्यों नहीं की गयी? राज्य सरकार के इशारे पर जांच कर रही सीबीआई आखिर किस भाजपा नेता को बचाने की कवायद कर रही है। क्योंकि 1 से 3 तारीख तक के समाचार पत्रों में होटल व्यवसाय लवली खनूजा का नाम तथा भाजपा के नेता कैलाश मुरारका का नाम आ रहा था, तथा एक टीवी चैनल के मालिक का नाम आ रहा था। जिससे पूछताछ हो रही थी और इन नामो में रिंकू खनूजा का नाम कही नहीं था। उसका नाम उसकी मृत्यु के बाद समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला। साफ स्पष्ट है कि रिंकु खनूजा के पूछताछ से भाजपा के नेताओं और आकाओं की संलिप्तता से बचाने के लिये और जनता को गुमराह करने के लिये रिंकू खनूजा की हत्या कर उसे आत्महत्या साबित किया जाने का षडयंत्र किया जा रहा है।

 

 

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