बिना पटरी के दौड़ती हुई एडीबी की सड़कें, सफर करने वाले हलाकान व परेशान

०० विकास यात्रा के आगमन की सूचना रद्द  होने पर सड़क निर्माण कार्य की गति हुई धीमी
०० 11 मीटर की जगह 9 मीटर की सड़क हुई, बारिश नजदीक मगर नाली निर्माण अब तक नहीं हुआ शुरू

करगीरोड कोटा। प्रदेश के मुख्यमंत्री की विकास यात्रा की सूचना पर कुछ दिन पहले विकास सड़कों पर दिखने लगा था, रेलवे स्टेशन से लेकर जय स्तंभ नाका चौक तक सभी गड्ढों को भरा जा रहा था, यह सब देख कर नगर वासियों और व्यापारी वर्ग को काफी राहत महसूस हुई थी ,की चलो इसी बहाने कम से कम धूल के गुबार से राहत मिलेगी ,सड़कों को के ऊपर बड़े-बड़े गड्ढों को भरने से लोग दुर्घटना से तो बचेंगे पर, यह खुशी कुछ दिनों के लिए ही कोटा नगर के नगर वासियों और व्यापारी वर्ग को मिल सकी, जब लोगों को जानकारी प्राप्त हुई की सड़क के काम में तेजी आने का कारण विकास यात्रा के तहत कोटा नगर में प्रदेश के मुखिया डॉक्टर रमन सिंह पधारने वाले हैं,इसलिए विकास सड़कों पर तेजी से दौड़ रहा है जैसे ही मुख्यमंत्री के विकास यात्रा के कार्यक्रम रद्द हुए उसके बाद मानो विकास ,विकास यात्रा के साथ ही किसी दूसरी जगह चला गया, जैसा की जानकारी प्राप्त हुई फिर से विकास यात्रा के दौरान अगस्त के महीने में प्रदेश के मुखिया का प्रवास कोटा नगर में होना है।

इससे पहले भी रतनपुर से कवर्धा तक बनने वाली एडीबी की 106 करोड़ की सड़क वर्तमान स्थिति में कौड़ी की होकर रह गई है, लोरमी रोड जय स्तंभ नाका का चौक जो कि मुख्यमंत्री के विकास यात्रा के प्रवास को देखते हुए काम में तेजी लाते हुए पूरे सड़क को खोद दिया गया था पाइप लाइन टूट जाने से पूरी व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो हो गई थी ,जयस्तंभ नाका चौक में रहने वाले व्यापारी ,स्थानीय लोग के साथ आवागमन करने वालों को काफी तकलीफ और मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद नगर पंचायत अधिकारी और नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा सड़क निर्माण को लेकर आपत्ति भी दर्ज कराई थी और अनुभागीय अधिकारी राजस्व को की जानकारी दी गई थी कारण था एडीबी के सड़क निर्माण करने वाली जिंदल प्राइवेट लिमिटेड के ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण किया जा रहा था, पर जैसा की पूरे सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता को ध्यान में नहीं रखते हुए मुरूम की जगह पीली मिट्टी डाली जा रही थी, साथ ही सड़क निर्माण से पहले सड़क के अगल-बगल नाली निर्माण करने के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी जो कि एडीबी के सड़क निर्माण करने वाली जिंदल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ऐसा नहीं किया जा रहा था। उसके अलावा साल भर पहले 2लोगों को एडीबी के अधिकारी द्वारा मुआवजा भी दिया गया एक को ₹12000 और दूसरे को ₹14000 साथ ही लोरमी रोड में स्थित हनुमान मंदिर को हटाने के यह भी उसका भी मुआवजा एडीबी के अधिकारी द्वारा दिया गया था, किस हिसाब से मुआवजा दिया गया, यह तो एडीबी के अधिकारी ही बता सकते हैं,उसके बाद जयस्तंभ नाका चौक से लोरमी रोड सड़क निर्माण का कार्य प्रगति पर है, पर इसके साथ एक और सवाल सड़क निर्माण कार्य के दौरान उठता है,की सड़क निर्माण लगभग 11 मीटर की बननी है एडीबी के सड़क निर्माण कार्य कर रहे जिंदल प्राइवेट लिमिटेड के ठेकेदारों द्वारा 9 मीटर की है सड़क बनाई जा रही है, साथ ही नाली निर्माण का कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है, बरसात सर पर है बारिश का पानी कहां से निकलेगा नगर पंचायत की नाली फ्री लगभग गायब सी हो गई है नियमता: सड़क निर्माण से पहले नाली निर्माण पहले होनी चाहिए थी ,पर ठेकेदारों द्वारा सड़क निर्माण पहले किया जा रहा है। पहले बाए तरफ कि सड़क को खोदकर उसमें पीली मिट्टी डालकर लेबल कर दिया गया उसके बाद दाहिने तरफ फिर से खोदा जा रहा है, उसी ढर्रे पर सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा है, ना ही सड़क निर्माण के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर दिखाई पड़ते हैं ,ना ही एडीबी के इंजीनियर या कोई बड़ा अधिकारी कोई जिम्मेदार अधिकारी इस दौरान मॉनिटरिंग करते हुए दिखाई नहीं पड़ते हैं बिना प्लानिंग के पूरी सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। 106 करोड़ की लागत से बनने वाली एडीबी की सड़क भी अब दुआ कर रही होगी, कि कितनी जल्दी सड़क बनकर तैयार हो और सड़क बनाने वाले जिंदल प्राइवेट लिमिटेड के ठेकेदारों से मुझे मुक्ति मिले, साथ ही आवागमन करने वालों को भी राहत मिले, इसके साथ धूल के गुबार से भी आने जाने वाली स्थानीय लोगों को भी राहत महसूस हो सके, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिंदल प्राइवेट लिमिटेड में काम करने वाले पेटी कांटेक्टर भी काम छोड़ छोड़ कर भाग रहे हैं, काम करने वाले कर्मचारी को पगार के लाले पड़े हुए हैं, जिंदल प्राइवेट लिमिटेड के सड़क निर्माण के कार्य में लगे हुए कुछ कर्मचारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया की पगार ना मिलने की वजह से सीमेंट और सरिया बेचकर पेट पालने का काम चल रहा है, ढाबा वालों का लाखों का बिल बकाया होने से उसकी भी स्थिति दिन ब दिन खराब होती जा रही है, ढाबा मालिक ने भी नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि केवल आश्वासन ही मिल रहा है ,पैसे नहीं मिल पा रहे हैं, कुछ दिन और अगर ऐसा चलता रहा तो में सड़क पर आ जाऊंगा।

जिंदल प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर से जानकारी लेने के लिए कार्यालय पहुंचकर जानकारी लेनी चाही गई पर पता चला कि प्रोजेक्ट मैनेजर अभी छुट्टी में है, प्रोजेक्ट मैनेजर के अवकाश में रहने से जिंदल प्राइवेट लिमिटेड के मालिक द्वारा वर्तमान में देखें-रेख में किया जा रहा है।

एडीबी अधिकारी प्रवीण शुक्ला से फोन से संपर्क करने पर उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया, उसके बाद एडीबी के प्रमुख अधिकारी डीके अग्रवाल जी से बात करने पर उनके द्वारा बताया गया अभी सड़क कंप्लीट नहीं है निर्माण कार्य प्रगति पर है,रहा सवाल नाली निर्माण का अगर आवश्यकता होगी तो नाली निर्माण किया जाएगा,और अगर नगर पंचायत को आपत्ति होगी तो काम बंद कर दिया जाएगा।

सड़क निर्माण से पहले नाली निर्माण को लेकर मुख्य नगर पंचायत अधिकारी सुश्री सागर राज द्वारा बताया गया की सड़क निर्माण से पहले नाली निर्माण करने की बात एडीबी के अधिकारी और ठेकेदारों को बताई जा चुकी है, सामने बरसात है ,पानी की निकासी नहीं होने से रहवासियों को परेशानी हो सकती है, इस बात को लेकर आपत्ति जताई गई है।

नगर पंचायत अध्यक्ष मुरारी गुप्ता द्वारा अनुभागीय अधिकारी राजस्व, सहित पीडब्ल्यूडी विभाग और जिला कलेक्टर को पूरे प्रकरण के बारे में सूचना दे दी गई है, एडीबी के अधिकारी और सड़क ठेकेदार को भी सूचना दे दी गई है, सड़क निर्माण के साथ नाली निर्माण भी होना चाहिए अगर ड्राइंग और स्टीमेट के हिसाब से कार्य नहीं होंगे तो नगर पंचायत सीमा में कार्य नहीं करने दिया जाएगा ,इस बात की आपत्ति हमारे द्वारा जताई जा चुकी है।

 

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