रिंकू खनूजा की मृत्यु की न्यायाधीश की देखरेख में निष्पक्ष जांच आवश्यक : कांग्रेस

०० सीडी कांड की आगे की जांच भी सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के देखरेख में ही हो

०० छत्तीसगढ़ पुलिस की लापरवाही गंभीर संदेहों को जन्म दे रही है : कांग्रेस

रायपुर। रिंकू खनूजा की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुये प्रदेश महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि चूंकि यह घटना बड़े मंत्रियों और सत्ता के केन्द्र से जुड़े सीडी मामले की जांच के दौरान हुयी है, अतः इस मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिये। मृतक की मां का आरोप है कि उसे तीन-चार दिनों से पूछताछ के लिये बुलाया जाता था, उसे सुबह बुलाकर देर रात छोड़ा जाता था। उसके शरीर पर चोट के निशान भी थे। वह डरा हुआ और घबराया था। मृतक के मां के आरोप गंभीर है। उसके बाद भी घंटों तक पुलिस ने घटना स्थल सील नहीं किया है।

शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि रिंकू खनूजा की मौत मामले में बगल की दुकान में सीसीटीवी प्राप्त करने की, जप्त करने की कोई कोशिश शाम तक नहीं की गयी है। मृतक के टेबल में उसके कागजात और फाइल घंटों तक जैसे थे, वैसे ही पड़े हुये है। उन्हें सुरक्षित करने और संरक्षित करने का कोई भी प्रयास पुलिस ने शाम तक नहीं किया है। पूरे घटनाक्रम पर पुलिस की लापरवाही और मृतक रिंकू खनूजा की मां ने सीबीआई को कटघरे में खड़ा किया है। अतः रिंकू खनूजा के मौत की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाये। इसके साथ ही मंत्री राजेश मूणत की कथित सीडी कांड की जांच में रिंकू खनूजा महत्वपूर्ण कड़ी था। इसे देखते हुये सीबीआई द्वारा की जा रही जांच भी अब आगे सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान जज की निगरानी में करना आवश्यक है ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचा जा सके। कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पी.एल. पुनिया जी शुरू से ही इस मामले की न्यायाधीश की देखरेख में जांच की बात कहते रहे है। अगर उनकी बात मान ली गयी होती तो पुलिस प्रताड़ना की यह स्थिति नहीं बनी होती। 

 

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