गरीबों के लिए एक रूपए किलो चावल योजना कभी नहीं होगी बंद: डॉ रमन सिंह

०० जनता के समर्थन से विकास के हर मामले में राज्य में हुआ चमत्कार: डॉ. रमन सिंह

०० किसान अपने घर पहुंचेंगे, उसके पहले ही उनके खातों में पहुंच जाएगा धान का बोनस

०० मानपुर में अस्पताल भवन के लिए चार करोड़ रूपए मंजूर, पानी टंकी और नये बस स्टैंड निर्माण की भी घोषणा

रायपुर| मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज विकास यात्रा के दौरान प्रदेश के मानपुर (जिला-राजनांदगांव) में एक विशाल आमसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि गरीबों के लिए एक रूपए किलो चावल की योजना राज्य सरकार की सबसे बड़ी योजना है, जो कभी बंद नहीं होगी। डॉ. सिंह ने इसके बाद बालोद जिले के डौंडी में स्वागत सभा को सम्बोधित किया। उन्होंने मानपुर की आमसभा में क्षेत्र के विकास के लिए 359 करोड़ रूपए के 155 निर्माण कार्याें का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इसके अलावा उन्होंने लैपटाप पर एक क्लिक करते हुए 17 हजार 694 किसानों के वर्ष 2017 का 15 करोड़ 89 लाख रूपए धान का बोनस उनके बैंक खातों में जमा कर दिया।
डॉ. सिंह ने किसानों से कहा – आमसभा से जब घर के लिए रवाना होंगे तो घर पहुंचने से पहले बोनस की यह राशि आपके खाते में पहुंच जाएगी। आमसभा में मुख्यमंत्री ने जिला कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए बनाये गए मोबाइल एप्प का भी लोकार्पण किया। यह प्रदेश का पहला कौशल उन्नयन एप्प है। डॉ. सिंह ने मानपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को बेहतर ढंग से विकसित करने के लिए 4 करोड़ रूपए तत्काल मंजूर करने की घोषणा की। उन्होंने वहां पानी टंकी की भी मंजूरी दी, साथ ही 50 लाख से 60 लाख रूपए की लागत से एक अच्छा बस स्टैंेड बनवाने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा – केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से प्रदेश के जन-जीवन में खुशहाली आ रही है। जहां कभी खराब सड़कों के कारण लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती थी, यात्रियों की कमर दुखने लगती थी, क्षेत्र के लोग एक-एक सड़क के लिए तरसते थे, आज ऐसे इलाकों में अच्छी सड़कों का जाल बिछ गया है। इससे यातायात सुगम हो गया है। गरीबों को भोजन का अधिकार, प्रदेश के सभी परिवारों को 50 हजार रूपए तक स्वास्थ्य बीमा सुविधा, दूर-दराज के इलाकों में भी बच्चों और युवाओं के लिए स्कूल-कॉलेजों की व्यवस्था गांव-गांव में स्वच्छ पेयजल का बेहतर इंतजाम, बिजली और सिंचाई की अच्छी सुविधाएं देखकर कोई भी कह सकता है कि विगत लगभग 15 साल में छत्तीसगढ़ में वास्तव में विकास के हर मामले में बड़ा चमत्कार हुआ है। यह चमत्कार जनता के समर्थन से ही संभव हो पाया है। प्रदेश व्यापी विकास यात्रा की आमसभाओं में पूरे प्रदेश में लगभग 30 हजार करोड़ रूपए के निर्माण कार्याें का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया जा रहा है। किसानों को 1700 करोड़ रूपए का धान बोनस दिया जा रहा है। डॉ. सिंह ने कहा – विकास  की परिभाषा क्या है, इसे अगर कोई समझना चाहे तो मानपुर में आयोजित आज की इस विशाल आम सभा को देख सकता है, जहां हजारों लोगों की उपस्थिति में सिर्फ एक दिन में लगभग 359 करोड़ रूपए के निर्माण कार्याें का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास हुआ। यह मानपुर क्षेत्र और राजनांदगांव जिले के लिए अपने आप में एक बड़ा कीर्तिमान है। मुख्यमंत्री ने आम सभा में राज्य और केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने संचार क्रांति योजना (स्काई) के तहत 50 लाख परिवारों को निःशुल्क स्मार्ट फोन देने की तैयारी शुरू कर दी है। महिलाओं, बुजुर्गाें और युवाओं को इसका वितरण किया जाएगा। स्मार्ट फोन के जरिये अब हमारी बहने भी मुख्यमंत्री से सीधे हैलो-हैलो कहकर बात कर सकेंगी। प्रदेश की नौ हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में इंटरनेट की सुविधा दी जा रही है। मानपुर का यह इलाका भी विकास के एक नये युग में प्रवेश कर रहा है। निकट भविष्य में यह शिक्षा के एक बड़े केन्द्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री ने आमसभा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गरीबों के लिए शुरू की गई आयुष्मान भारत  योजना की भी जानकारी दी और कहा कि इस योजना में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए गरीबों को पांच लाख रूपए तक स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिलेगी। लोकसभा सांसद श्री अभिषेक सिंह, राज्य भंडार गृह निगम अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, विधायक श्रीमती सरोजनी बंजारे सहित जिले के और क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में पंच-सरपंच और विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी आम सभा में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने डौंडी में भी जनता को दी योजनाओं की जानकारी :- मुख्यमंत्री ने डौंडी में आयोजित स्वागत सभा में भी सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा- छत्तीसगढ़ के किसानों को अब खेती के लिए ब्याजमुक्त ऋण सुविधा मिल रही है। 14 साल पहले उन्हें सहकारी बैंकों से लगभग 14 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था। हमारी सरकार  ने किसानों को राहत देने के लिए इस ब्याज दर को क्रमशः कम करते हुए अब शून्य प्रतिशत कर दिया है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक 450 रूपए से बढ़ाकर ढाई हजार रूपए कर दिया गया है।

 

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