राजधानी में बेतरतीब चल रहे हैं निर्माण कार्य, गुणवत्ता और मानको को किया जा रहा नजरअंदाज: कांग्रेस 

०० धूल और गड्ढों का शहर बन गया रायपुर, लापरवाही से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्मार्ट सिटी तो नहीं बन पायी, किंतु धूल और गड्ढों का शहर जरूर बन गयी है। सरकार की उदासीनता, ठेकेदारों की मनमानी और विभागों की अदूरदर्शिता से चल रहे निर्माण कार्यो के कारण शहर पूर्णतया अस्त-व्यस्त हो गया है। सरकार विकास का दावा कर रही है, लेकिन पूरा सिस्टम ही चरमरा गया है, जो कभी भी भरभरा कर गिर सकता है। 

सभी प्रोजेक्ट बेतरतीब चल रहे है और उन्हें नियंत्रित करने वाला कोई नहीं है। सड़क के किनारे और चैक चैराहे में गड्ढे हादसों को आमंत्रित कर रहे है। ठेका कंपनियों की लापरवाही और विभागों की शह पर सभी निर्माण कार्य जल्दबाजी और दबाव में कराये जा रहे है। गुणवत्ता एवं मानको को नजरअंदाज किया जा रहा है। निर्माण कार्य स्थल से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि विकास का यह मतलब नहीं होता है कि जन-जीवन पर इसका बुरा प्रभाव पड़े। शहर के हृदय स्थल के चारों ओर स्काई वाक का कार्य चल रहा है जो खतरों से खाली नहीं है, थोड़ी सी लापरवाही से वाराणसी फ्लाई ओव्हर जैसी घटना हो सकती है। इससे पहले भी स्काईवाक के गड़ढे में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। स्मार्ट सिटी के नाम पर चैक खराब किया जा रहा है और गौरव पथ को सायकल मार्ग के लिये सकरा कर दिया गया है जिसका कोई औचित्य नही है। वहीं शहर का कोई चैराहा नहीं है जहां सड़कों को खोदा न जा रहा हो। सड़के बनने नहीं पाती है, उसे कभी केबल, कभी नल-जल, तो कभी कोई अन्य कार्य के लिये विकास के नाम पर खोदते ही रहते है। कोई योजनाबद्ध तरीके से कार्य होता ही नहीं है। धूल और गड्ढे ने पूरे शहर को अपने आगोश में ले लिया है और सरकार इसे स्मार्ट सिटी बनाने का जद्दोजहद बता रही है। 

 

error: Content is protected !!