हड़ताल पर बैठीं नर्सों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, कांग्रेस ने की निंदा

०० राज्य सरकार के एस्मा लगाए जाने के बाद भी नर्स अपनी मांगों पर है अडिग

०० नर्सो की गिरफ्तारी सरकार का तानाशाही रवैया: कांग्रेस

रायपुर| पिछले 14 दिनों से हड़ताल पर बैठी नर्सों पर सरकार की सख्ती का कोई असर नहीं दिख रहा है। सरकार के एस्मा लगाए जाने के बाद भी नर्सों अपनी मांगों पर अड़ी हुई हैं। शुक्रवार को पुलिस ने धरना स्थल पर पहुंचने से पहले ही लाखेनगर चौक पर नर्सों को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल में ले जाया गया।

गिरफ्तारी के बाद भी नर्सों ने हड़ताल जारी रखा। सरकार के इस सख्त रवैए से भड़की नर्स जेल में ही भूख हड़ताल पर बैठ गई हैं। नर्सों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, वे भूख हड़ताल बंद नहीं करेंगी। बताया जा रहा है कि धरने पर बैठीं लगभग 400 से ज्यादा नर्सों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बतादें कि नर्सों के धरनास्थल पहुंचने से पहले ही लाखेनगर चौक भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। पुलिस ने धरना स्थल पर पहुंचने से पहले ही लाखेनगर चौक पर नर्सों को गिरफ्तार कर लिया। एसडीएम की मौजूदगी में गिरफ्तारी की गई। दूसरी ओर कांग्रेस ने नर्सों की मांगों को जायज ठहराते हुए उनके आंदोलन को समर्थन दिया है। कांग्रेसी नेता नर्सों की गिरफ्तारी के बाद उनसे मिलने सेंट्रल जेल पहुंचे।

नर्सो की गिरफ्तारी सरकार का तानाशाही रवैया :- नर्सो की हड़ताल तोड़वाने के लिये भाजपा सरकार द्वारा करवाई गयी पुलिस बर्बरता और जबरिया गिरफ्तारी की कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पखवाड़े भर से अधिक समय से नर्से अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलनरत है। नर्सो की हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य सेवायें भी बुरी तरह प्रभावित है। भाजपा सरकार और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अकर्मण्य बना हुआ है। सरकार को न तो मरीजों की फिक्र है और न ही नर्सो की। नर्सो द्वारा की जा रही मांग ऐसी नहीं है कि उसका समाधान न किया जा सके, लेकिन भाजपा सरकार में समस्या के समाधान की इच्छाशक्ति नहीं बची है। पुलिसिया दमन, बर्बरतापूर्वक दौड़ा-दौड़ा कर नर्सो की गिरफ्तारी कर जबरिया हड़ताल तोड़वाने की कोशिश और गिरफ्तारी भाजपा सरकार की तानाशाही पूर्वक रवैया है। हड़ताली नर्से भी छत्तीसगढ़ की बेटियां है। उनकी पारिवारिक आर्थिक और सामाजिक पृष्ठ भूमि भी छत्तीसगढ़ की है। इन नर्सो के मन में छत्तीसगढ़ के लोगों, मरीजों के प्रति पीड़ा और सेवाभाव सरकार में बैठे हुये लोगों से अधिक है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि नर्सो के साथ हड़ताल समाप्त करवाई जाय ताकि प्रदेश की बदहाल पड़ी स्वास्थ्य सुविधायें बहाल हो सके। 

 

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