टाटामारी को पर्यटन नक्शे मे लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जायेगा: केदार कश्यप

०० टाटामारी के नैसेर्गिक सौन्दर्य से प्रभावित हुए मंत्री 

रायपुर/कोण्डागांव| कोण्डागांव जिले का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले मुख्यालय केशकाल अपनी सर्पीली घुमावदार मनोहारी घाटियो के लिए विख्यात है परन्तु इसके अलावा इस छोटे से विकासखण्ड कई ऐसे दर्शनीय स्थल जिनके बारे मे अमुमन लोग नही जानते केशकाल से दो किलोमीटर दूर टाटामारी भीे एक ऐसा स्थल है जहां से केशकाल की सुरम्य वादियों का नयना भिरांम दृश्य हर किसी का मन मोह लेता है। इस तथ्य को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र को प्रदेश के पर्यटन नक्शे मे लाने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।
इसी परिपेक्ष्य मे मंत्री आदिम जाति अनुसूचित जााति विकास पिछड़ावर्ग एंव अल्प संख्यक विकास एंव स्कूल शिक्षा केदार कश्यप द्वारा दिनांक 25 मई को केशकाल का टाटामारी का दौरा किया गया था। इस दौरान जिला कलेक्टर नीलकण्ठ टीकाम, वनमण्डलाधिकारी एस0 के0 चौहान सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थें। मोके पर अनौपचारिक चर्चा करते मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि टाटामारी के नैसर्गिक सौन्दर्य से देश प्रदेश के पर्यटको को परिचित कराने हेतु यहां जरूरी सहूलियते जुटाई जायेंगी जिसमे पेयजल, बैठने की व्यवस्था से लेकर बच्चो एंव युवाओं के लिए मनोरंजन के साधन तो होंगे ही साथ ही आधुनिक पर्यटन को देखते हुए जंगल ट्रेकिंग, हाईकिंग, कैंपिग, रॉक माउन्टिग वाईल्ड लाईफ, की जानकारी आदिवासी संस्कृति से जुड़े म्यूजियम जहां जिले के पारम्परिक सांस्कृतिक पहचान यथा खानपान वेशभूषा एंव दैनिक जीवन में प्रयोग आने वाली सामग्रियो को दर्शाते हुए साधन रखे जायंेगे। जिससे दर्शको को बस्तरिया संस्कृति की झलक मिलेगी इस दौरान जिला कलेक्टर नीलकण्ठ टीकाम ने अवगत कराया कि पर्यटको की सुविधा हेतु जलपान की व्यवस्था की जिम्मेदारी स्थानीय स्व सहायता समूह को दी गई है।
सुरडोंगर जलाशय के सौन्दर्यीकरण हेतु आम जन भी दे सकते है सुझाव :- इस दौरान मंत्री केदार कश्यप द्वारा टाटामारी के मार्ग पर सुरडोंगर जलाशय का अवलोकन किया गया ज्ञात हो कि विगत दिवस उक्त जलाशय के सौन्दर्यीकरण हेतु जिला प्रशासन हेतु कार्य प्रारंभ किया गया है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने मंत्री को अवगत कराया कि सुरडोंगर जलाशय का सफाई एंव गहरी करण करके इसे एक आकर्षक जलाशय का रूप दिया जायेगा जहां इसके किनारो पर वृक्षारोपण करने के साथ साथ पक्के घाटो का निर्माण भी होगा साथ ही पर्यटक यंहा बोटिंग भ्रमण का भी आनन्द ले सकते है। इसके अलावा मार्ग मे स्थित आदिवासियों के आराध्य देव भंगाराम मदिंर का जीर्णोद्धार करने की भी योजना है। घाटी मे स्थित मां तेलीन शक्ति के मंदिर से लेकर घाटी के उपर भंगाराम मंदिर तक के जाने वाले मार्ग को भी व्यवस्थित किया जायेगा। सुरडोंगर जलाशय के सौन्दर्यीकरण के संबंध मे उन्होने ने बताया कि आमजन भी अपने सुझाव से शासन को अवगत करा सकते है इसके लिए उन्हे नगर पंचायत अथवा जनसम्पर्क कार्यालय से सम्पर्क करना होगा। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष आकाश मेहता, सी0ई0ओ आर0भी0धु्रव केशकाल, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश मिश्रा, कार्यपालन अभियंता आर0के0गर्ग, अरूण शर्मा और स्थानीय कर्मचारी उपस्थित थें।

 

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